Pakistan: पाकिस्तान के कई वायरल वीडियो आपने देखे होंगे, पर आज ऐसी खबर जान लीजिए जो आपके होश उड़ा देगी. ये घटना उच्च अधिकारी स्तर पर हुई है. खबर है कि पाकिस्तान के पूर्व राजदूत ने चोरी से दूतावास की इमारत बेच डाली. Also Read - प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति से की बात, कोरोना संकट से निपटन को लेकर हुई चर्चा

इंडोनेशिया में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत ने 10 साल पहले तैनाती के दौरान जकार्ता स्थित दूतावास की इमारत को अवैध तरीके से बेच दिया. Also Read - coronavirus: अस्तपाल में भर्ती संदिग्ध लड़की चकमा देकर भागी, कुछ घंटों बाद पुलिस लाई वापस

इस्लामाबाद से मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देश के भ्रष्टाचार विरोधी निकाय, राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने 19 अगस्त को पूर्व राजदूत, मेजर जनरल (रिटायर्ड) सैयद मुस्तफा अनवर के खिलाफ 2001-2002 में किए गए कथित अपराध के लिए एक रेफरेंस दायर किया है. Also Read - रेप करने का 'मास्टर' बन गया ये PhD होल्डर युवक, 159 पुरुषों का किया शिकार, चीख में खोजता था मज़ा

द ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट के अनुसार, अनवर पर अवैध रूप से इमारत बेचने और पाकिस्तान के राष्ट्रीय खजाने को 13.20 लाख डॉलर का नुकसान पहुंचाने का आरोप है.

रजिस्ट्रार को प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, अनवर ने विदेश मंत्रालय की मंजूरी के बिना इमारत की बिक्री के लिए एक विज्ञापन जारी किया था. रिपोर्ट में कहा गया कि एनएबी की धारा 9(ए) 6 के तहत बिक्री उसकी शक्तियों का हनन है.

उन्होंने 2001-2002 के दौरान जकार्ता स्थित पाकिस्तानी दूतावास की इमारत को ‘कौड़ियों के मोल’ बेच दिया था.

एनएबी की जांच में सामने आया है कि पूर्व राजदूत अनवर दूतावास इमारत को जकार्ता में अपनी तैनाती के तत्काल बाद ही बेचने पर आमादा थे. इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान विदेश मंत्रालय से इजाजत लिए बिना एक विज्ञापन भी जारी कर दिया था.

बिक्री की प्रक्रिया चालू होने के बाद अनवर ने इससे जुड़ा प्रस्ताव विदेश मंत्रालय को भेजा था। विदेश मंत्रालय ने दूतावास की इमारत की बिक्री पर रोक लगा भी लगाई थी.

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने कहा था कि एनएबी कार्यालय पूर्व राजदूत के खिलाफ भ्रष्टाचार के संदर्भों सहित निर्णय लेने में देरी के लिए जिम्मेदार है. शीर्ष अदालत ने कहा था कि एनएबी के अधिकारी असमर्थ रहे.
(एजेंसी से इनपुट)