दुनिया के लगभग हर देश में क्रिसमस का आम चलन है. कोई व्यक्ति सेंटा क्लॉज बनकर कोई आता है और बच्चों को गिफ्ट्स देता है. लाल कपड़े, सिर पर लाल टोपी, पीठ पर थैला, बड़ी सफेद दाढ़ी और चेहरे पर मुस्कान लिए ये सेंटा क्लॉज हर साल क्रिसमस पर आकर बच्चों को खूब सारी चॉकलेट्स और गिफ्ट्स देते हैं. सेंटा को देखकर बच्चे खुशी से झूम उठते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक जगह ऐसी भी है जहां क्रिसमस पर सेंटा नहीं आता बल्कि भूत आते हैं.

यूरोप के चेक रिपब्लिक देश में सेंटा की जगह भयानक भूत और चुड़ैल आते हैं. ये भूत बच्चों को गिफ्ट्स भी देते हैं, उनके साथ मस्ती भी करते हैं लेकिन कई बच्चे इनका डरावना चेहरा देखकर डर भी जाते हैं. वैसे इनका मकसद बदमाश बच्चों को सुधारना होता है.

इस परंपरा के चलते बच्चों को हर साल ये कह कर बदमाशी करने से रोका जाता है कि अगले क्रिसमस पर वे भूतों को उसे दे देंगे. ये भूत बच्चों को अपने माता पिता और लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करने की सीख देते हैं और डर की वजह से बच्चों को मानना भी पड़ जाता है.