टोक्यो (जापान) के कृषि एवं तकनीकी इंस्टीट्यूट के तकनीकी विशेषज्ञ प्रो़ मसाकी नाकागावा ने हाल ही में मध्य प्रदेश के जबलपुर में हैंडराइटिंग का महत्व के बारे में चर्चा की. उन्होंने कहा कि विदेशों में तकनीक के जरिए हैंडराइटिंग का आकलन कर आवेदक की योग्यता का मूल्यांकन कर लिया जाता है और उसी आधार पर नौकरी के लिए सेलेक्शन होता है. Also Read - फेस्टिव सीजन में इस कंपनी ने दिया 90,000 लोगों को रोजगार का मौका

मध्यप्रदेश के जबलपुर में माता गुजरी महिला महाविद्यालय (स्वशासी) में ‘रीसेंड एडवांस इन कम्प्यूटर साइंस, मैथमेटिक्स, फिजिक्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स’ विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस बुधवार और गुरुवार को आयोजित हुई. इस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने आए प्रो़ मसाकी नाकागावा ने प्रतिभागियों की हैंडराइटिंग एनालिसिस की तकनीक का विश्लेषण करते हुए बताया कि विदेशों में किस तरह नौकरी के उम्मीदवारों की योग्यता का मूल्यांकन उनके आवेदन की हैंडराइटिंग का विश्लेषण कर किया जाता है. Also Read - जॉब मार्केट के लिए शानदार रहेगा अगला साल, इन सेक्टरों में होगी नौकरियों की बहार

इस मौके पर ट्रिपल आईटी की पूर्व निदेशक प्रो़ अपराजिता ओझा ने डेटा एनालिसिस की चर्चा करते बताया कि फेसबुक, वाट्सएप के माध्यम से डेटा लेकर उनका गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है. युवाओं को कम से कम डेटा फेसबुक या वाट्सएप पर शेयर करना चाहिए. दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में गेस्ट के तौर पर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति कपिल देव मिश्र, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति बी़ एस़ चौहान, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ़ क़े एल़ जैन अतिथि के तौर पर मौजूद थे. Also Read - मोटा पैसा और अच्छी जिंदगी चाहिए तो इन देशों में कीजिए नौकरी

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में गणित और कम्प्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष प्रो़ पी़ वी़ जैन तथा आईआईआईटी की प्रोफेसर प्रीति खन्ना ने अपने अनुभव साझा किए. कॉलेज के 25वें वर्ष पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में हुई इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंजूषा पौराणिक, संगोष्ठी संयोजक डॉ़ रीनू शर्मा ने संगोष्ठी के आयोजन का मकसद बताया