नई दिल्ली: आज से होलाष्टक शुरू हो गया है. होलाष्टक यानी होली से पहले के 8 दिन. इन दिनों में कोई भी शुभ काम करने की परंपरा नहीं है.

होलाष्टक शब्द ही होली और अष्टक, इन दो शब्दों से मिलकर बना है. इसका मतलब होता है होली के आठ दिन. होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी से शुरू माना जाता है और पूर्णिमा तक चलता है.

क्यों माना जाता है अशुभ
मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद की नारायण भक्ति से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने होली से पहले आठ दिनों में उन्हें कई तरह के कष्ट दिए थे. तभी से इन आठ दिनों को हिंदू धर्म में अशुभ माना गया है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन 8 दिनों में ग्रह अपना स्थान बदलते हैं. ग्रहों के बदलाव की वजह से होलाष्टक के दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता.

क्या ना करें
इस समय में विवाह, गर्भाधान, गृह प्रवेश, निर्माण आदि शुभ कार्य वर्जित बताए गए हैं.

कब से कब तक चलेगा होलाष्टक
इस साल होलाष्टक 23 फरवरी प्रारंभ होकर 1 मार्च 2018 तक चलेगा.

क्या करें
शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक के दिनों में जो व्रत किए जाते हैं उनसे भगवान की कृपा मिलती है. अगर व्रत नहीं कर सकते तो इस समय में दान देना चाहिए. आप वस्त्र, अनाज और अपने इच्छानुसार धन का दान कर सकते हैं.