हिन्दु धर्म की मान्यता के अनुसार सप्ताह का हर दिन किसी ना किसी देवता को समर्पित है। इन्ही मान्यताओं के अनुसार रविवार के दिन पूरे ब्रह्माण को ऊर्जा देने वाले भगवान सूर्य की पूजा की जाती है। अगर आपकी कुंडली में सूर्य का दोष है तो हर रविवार पूजा जरुर करनी चाहिए। सूर्य देव बहुत ही जल्द प्रसन्न हो जाते है। इस दिन भगवान सूर्य को जल चढ़ाने से समस्त प्रकार के शारीरिक रोगों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा सूर्य की उपासना आयु, रूप, आरोग्य और ऐश्वर्य देने वाला माना जाता है। Also Read - Nautapa 2019: नौतपा में भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल, जानिए कब मिलेगी राहत

भगवान सूर्य को भास्कर भी कहा जाता है। इनका वर्ण लाल है और आसन कमल है। इनका वाहन 7 घोड़ों वाला रथ है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर आपकी कुंडली में सूर्य अशुभ स्थिति में है, तो रविवार को इन उपायों से आप सूर्य दोष से निजात पा सकते है। यह भी पढ़ें: जानिये भगवान राम की बड़ी बहन के बारे में जिन्हें समय के साथ भुला दिया गया Also Read - सूर्यग्रहण अगस्‍त 2018: बस अब कुछ देर में लगने वाला है ग्रहण, इससे पहले कर लें ये जरूरी काम

जिससे घर में सुख-शांति और धन-समृद्धि आएगी। सूर्य की पहली किरण से दिन की शुरूआत होती है जो सफलता के लिए प्रेरित करती है। रविवार को सुबह स्नान कर सफेद वस्त्र पहने और सूर्य देव को नमस्कार करें। इसके बाद एक तांबे के बर्तन में ताजा पानी भरें और मंदिर या घर पर ही इसे चढ़ा दे। जल चढ़ाते समय लोटे से नीचे गिरते पानी से सूर्य के दर्शन करें। यह करने से इससे बुरे से बुरा समय भी टल जाता है। इतना ही नहीं सच्ची श्रद्धा, मेहनत और लगन के साथ अपना काम करें और साथ ही सूर्यदेव की आरधना करने से सभी प्रकार की समस्याएं भी समाप्त हो जाती है। Also Read - Surya Grahan 2018: कैसे लगता है आंश‍िक सूर्यग्रहण, जानें

सूर्यदेव की आराधना के इन मंत्रों का जाप करें

नमामि देवदेवशं भूतभावनमव्ययम्।

दिवीकरं रविं भानुं मार्तण्ड भास्करं भगम्।।

इन्दं विष्णु हरिं हंसमर्क लोकगुरूं विभुम्।

त्रिनेत्रं र्त्यक्षरं र्त्यडंग त्रिमूर्ति त्रिगति शुभम्।।