तिरुवनंतपुरम (केरल)। कहते हैं कि अगर आपमें दृढ़ इच्छाशक्ति है तो आप किसी भी चुनौती को आसानी से पार कर सकते हैं. कुछ ऐसा ही कारनामा केरल की एक ‘दादी’ ने किया है. सरकारी ‘अक्षरलक्षम’ कार्यक्रम के तहत परीक्षा देने वाली 96 वर्षीय कार्तियानी अम्मा ने 100 में से 98 प्रतिशत अंक हासिल कर सबको चौंका दिया है. यह उनकी जीवन की पहली शैक्षणिक परीक्षा थी. केरल राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण (केएसएलएमए) के अधीन ‘अक्षरलक्षम’ कार्यक्रम चलाया जाता है. Also Read - कोरोना: केरल में 1 साल तक बरतनी होगी एहतियात, 2021 तक के लिए नियम जारी, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य

घिसी पिटी सोच को बदलते हुए केरल के अलपुजा जिले के चेप्पाड गांव की रहने वाली अम्मा 98 अंक प्राप्त कर इस परीक्षा में अव्वल आईं. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने गुरुवार को एक समारोह में अम्मा को उनकी उपलब्धि के लिए प्रमाण पत्र दिया. अम्मा के पति का देहांत 57 वर्ष पहले हो गया था. इसके बाद से ही वह मंदिर साफ करने जैसे काम करती हैं. उनके छह बच्चे थे, जिनमें से दो ही जिंदा हैं. साथ ही उनके परिवार में छह पोता-पोती और सात पड़पोते-पोती हैं. अम्मा का सपना अब कम्प्यूटर सीखने का है. अम्मा ने कहा, ‘‘मैं अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती थी…मैं कम से कम 10वीं करना चाहती थी और अच्छे अंकों से परीक्षा पास करना चाहती थी. मैं कम्प्यूटर भी सीखना चाहती हूं.’’ Also Read - बेजुबान जानवर से बदला लेने की ऐसी चढ़ी सनक कि शख्स ने 40 कुत्तों को मौत के घाट उतारा दिया, जानें क्या थी वजह

(इनपुट-भाषा) Also Read - केरल कांग्रेस अध्यक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री को कहा 'कोविड रानी', विवादास्पद टिप्पणी पर हुआ बवाल