नई दिल्ली: भारत का नाम दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में शुमार है. अमेरिका ने हाल में एक रिपोर्ट जारी किया था, जिसमें यह अनुमान लगाया गया था कि भारत की आबादी 21वीं सदी में दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले सबसे तेजी से बढ़ेगी और वह जल्द ही सबसे बड़ी आबादी वाला देश बनने वाला है. रिपोर्ट का अनुमान सही होता नजर आ रहा है. क्योंकि साल 2019 के पहले दिन यानी नव वर्ष पर भारत में करीब 69,944 बच्चों का जन्म होने वाला है. वैश्विक स्तर पर साल के पहले दिन जन्म लेने वाले बच्चों की कुल संख्या का यह 18 फीसदी है. हालांकि संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है, क्योंकि यह संख्या सिर्फ उन बच्चों की है, जिनका रजिस्ट्रेशन कराया गया है. भारत के गांवों में कुछ घरों में अब भी बच्चों का जन्म अस्पताल में नहीं होता.

भारत की आबादी फिलहाल 1.3 बिलियन है. इस आबादी के साथ वह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ी आबादी वाला देश बना हुआ है. पहले स्थान पर चीन है. लेकिन अमेरिकी अनुमान के मुताबिक जिस गति से भारत की आबादी बढ़ रही है, उसके हिसाब से साल 2024 तक भारत चीन को पीछे छोड़ सकता है.

वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को हेल्थ सेक्टर पर ध्यान देने की जरूरत है. क्योंकि यहां अब भी जन्म के समय शिशुओं का मृत्यु दर दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा है. हालांकि पिछले 44 वर्षों में हालात सुधरे हैं. लेकिन इसमें और सुधार की गुंजाइश है. भारत में प्रति 1000 शिशुओं पर 38 फीसदी का मृत्यु दर है. जबकि चीन में 11 फीसदी.