हिन्दू धर्म में युगों से बिंदी लगाने का चलन चला आ रहा है। किसी भी औरत के लिए उसका सोलह श्रृंगार तब तक अधूरा जब तक की वो अपने माथे पर बिंदी ना लगाये। सुहागिन औरतों के लिए बिंदी उनके सुहाग की निशानी होती है। शादी के बाद बिंदी लगाना इसे जरुरी समझा जाता है। अक्सर बड़े बूढ़े और लोगों का मानना है कि बिंदी के बिना औरत का माथा शोभा नहीं देता है। बिंदी उसकी खूबसूरती को चार चाँद लगाती है। भारतीय समाज में बिंदी लगाने की परम्परा काफी पुरानी है जो आज तक चली आ रही है। अगर आज के युग की बात करें तो बिंदी लगाना एक फेशन के तौर पर चल पड़ा है। फेशन के चलते लड़कियां बिंदी बड़े शौक से अपने माथे पर लगाती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि बिंदी कई प्रकार से लाभदायक है। बिंदी के कई चमत्कारिक फायदें  हैं। आइए जानते हैं—

मानसिक शांति– जी हाँ बिंदी दोनों भौहों के बीच में लगाई जाती है जिसे आयुर्वेद में शरीर का सबसे महत्वपूर्ण ‘अजना’ चक्र के नाम से जाना जाता है। अजना चक्र पर हलके दबाव के जरिए मानसिक शांति और घबराहट के उपचार में मदद मिलती है।

सिरदर्द का इलाज- एक्यूप्रेशर के अनुसार अगर आपका सर दर्द हो रहा है तो आप इस जगह मसाज करें आपको तुरंत आराम मिल जाएगा। दोनों भौहों के बीच बिंदी लगाने से रक्त कोशिकाओं को आराम मिलता है। जिससे आपका सर दर्द नहीं होगा।

अच्छी नींद के लिए– आयुर्वेद में बिंदी लगाने वाले स्थान यानि दोनों भौहों के बीच वाली जगह को मानसिक शांति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। इसके साथ ही साथ यह मानसिक तनाव दूर करने और अच्छी नींद के लिए भी जरुरी है। बता दें कि शिरोधरा विधि में इस बिंदु पर दबाव बनाकर अनिद्रा की समस्या दूर की जाती है।

सुनने की क्षमता- बिंदी लगाने वाले स्थान के पास से कान से सम्बंधित नसे भी होकर गुजरती है। सही प्रकार से दबाव बनाने से सुनने की क्षमता बढ़ती है।

स्किन को झुर्रियों से दिलाए निजात- बिंदी लगाने से चेहरे के मसल्स मजबूत होते है जिससे खून का प्रवाह सही ढंग से होता है जिससे चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती है।