India’s First Underwater Metro Train: पूरा देश जिस क्षण का इंतजार कर रहा था वो आखिकार अब खत्म हो गया है. भारत की पहली अंडरवॉटर मेट्रो ट्रेन (India’s First Underwater Metro Train) सेवा कोलकाता में बहुत जल्द शुरू होने वाली है. ईस्ट-वेस्ट मेट्रो परियोजना (East-West Metro project) के रूप में पहचाने जाने वाला ये प्रोजेक्ट अब जल्द ही साकार हो जाएगा. कोलकाता के सॉल्ट लेक सेक्टर 5 के टेक हब और युवा भारती क्रीड़ांगन के बीच 13 फरवरी को यह मेट्रो चलेगी. इस मेट्रो ट्रेन की यात्रा लागत और समय में भारी कटौती करने की योजना बनाई गई है. केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा, “यह तय किया गया है कि मेट्रो 13 फरवरी से अपनी सेवाएं शुरू कर देगी”.

India’s First Underwater Metro Train- ये है इस मेट्रो से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें: 

– इस मेट्रो परियोजना को कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड निष्पादित कर रहा है जो तकनीकी रूप से यूरोस्टार (पेरिस और लंदन को जोड़ने) के तरीके के आधार पर है.

– कोलकाता ईस्ट-वेस्ट मेट्रो लाइन 16.6 किलोमीटर लंबी है और इस मेट्रो से साल 2035 तक प्रति दिन 10 लाख लोग यात्रा कर पाएंगे.

– अप्रैल 2017 में अंडर वॉटर मेट्रो लाइन के लिए निर्माण शुरू हो गया था. टनल बोरिंग के लिए मशीनें जर्मनी से लाई गई थीं.

-अब कुल 16.6 किमी में से 5.8 किमी एक एलिवेटेड कॉरिडोर है और 10.8 किमी यह मेट्रो अंडरग्राउंड चलेगी. नदी के नीचे 520 मीटर की जुड़वां सुरंगें भी इसका हिस्सा हैं.

-मेट्रो ट्रेन 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी और परियोजना की कुल अनुमानित लागत 8,996.96 करोड़ रुपये है.

अगस्त 2019 में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक वीडियो साझा किया था जिसमें उन्होंने भारत की पहली पानी के नीचे चलने वाली मेट्रो की झलक दी थी और इसे “उत्कृष्ट इंजीनियरिंग” का उदाहरण कहा था.

आपको बता दें कि पिछले साल के अगस्त में एक्विफर फटने के कारण कोलकाता मेट्रो के इस निर्माण को रोक दिया गया था.