नई दिल्ली: 7 साल की जन्नत द्वारा देश दुनिया की ‘जन्नत’ बचाने की निकलने की कहानी अब बच्चों को भी प्रेरित कर रही है. छोटी सी जन्नत के काम और जज़्बे की कहानी को स्कूल की किताब में शामिल कर लिया गया है. हैदराबाद के स्कूलों में जन्नत के काम के बारे में बताकर बच्चों को प्रेरित किया जा रहा है. Also Read - भारत स्वच्छ ऊर्जा के लिए सर्वाधिक आकर्षक वैश्विक बाजार के रूप में उभरा है: पीएम मोदी

दरअसल, सात साल की जन्नत जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में रहती है. अपने परिवार के साथ रहने वाली जन्नत पिछले दो साल से जो कर रही हैं, उसने सबका ध्यान खींचा है. जन्नत पिछले दो सालों से डल झील की सफाई कर रही हैं. वह पिता के साथ नाव में बैठती हैं और मशहूर डल झील में पड़े कचरे को साफ़ करती चली जाती हैं. वह ये काम नियमित करती हैं और काफी कचरा निकाल लेती हैं. इससे डल झील को साफ़ रहने में मदद मिली है. जन्नत कहती हैं कि वह अपने पिता के सहयोग से ऐसा कर रही हैं. Also Read - J&K: पाकिस्‍तान की गोलाबारी में आर्मी हवलदार शहीद, सेना दे रही मुंहतोड़ जवाब

जन्नत के इस प्रेरित करने वाले काम की चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है. वहीं, हैदराबाद के कुछ स्कूलों में भी जन्नत के इस काम को शामिल किया गया है. बच्चों को जन्नत के काम के बारे में बताया जा रहा है कि कैसे पानी और झील को बचाने के लिए वह काम कर रही हैं.

बता दें कि कुछ दिन पहले पीएम मोदी ने भी जन्नत की तारीफ़ की थी. जन्नत का ज़िक्र पीएम मोदी ने मन की बात में किया था. पीएम मोदी ने जन्नत के काम को प्रेरित करने वाला बताया था.