मुंबई. लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर 12 घंटे की लंबी बहस में भले ही कई लोगों का मनोरंजन हुआ हो, लेकिन गीतकार और पटकथा लेखर जावेद अख्तर का मानना है कि यह सत्र कविता का अपमान था. अपने टि्वटर अकाउंट पर जावेद ने मंगलवार को लिखा, ‘मैं हाथ जोड़ते हुए और बेहद विनम्रता के साथ लोकसभा में सभी राजनीति पार्टियों के सभी सांसदों से निवेदन करता हूं कि वे सभी कम से कम कविता पर रहम करें. बिना किसी अपवाद के, इस 12 घंटे के सत्र के दौरान पढ़ा गया हर शेर में गलत शब्द कहे गए, उच्चारण गलत था.’

पीएम मोदी समेत कई सांसदों ने पढ़ी कविता
तेलुगू देशम पार्टी द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में 12 घंटे तक बहस चली थी. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने कविताओं की कुछ पंक्तियों का इस्तेमाल किया. महाराष्ट्र के सांसद रामदास अठावले ने चर्चा के दौरान कविता पाठ की शैली में ही अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखी. बता दें कि 16वीं लोकसभा के शुरुआती सत्रों में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता भगवंत मान ने भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नारे ‘अच्छे दिन’ का मजाक बनाने के लिए भी एक कविता पढ़ी थी. बहस के दौरान इस्तेमाल की गई कविता को लेकर ही जावेद अख्तर ने टिप्पणी की है.

गौरतलब है कि मोदी सरकार के खिलाफ 20 जुलाई को लोकसभा में चली अविश्वास प्रस्ताव की बहस में सरकार और विपक्षी दलों को एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते हुए देखा गया था. बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर जोरदार हमला बोलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी को गले लगा लिया था. इसे लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बाद में अमर्यादित आचरण करार दिया था.

(इनपुट – एजेंसी)