दुनिया की सबेस मशहूर कंपनी में से एकजॉनसन एंड जॉनसन पिछले कुछ समय से विवादों में है. दरअसल बच्चों के लिए शैंपू,पाउडर औऱ क्रीम जैसी चीजें बेचे वाली इस कंपनी पर उनके उपभोक्ताओं ने आरोप लगाए थे कि इनका इस्तेमाल करने से उनकी सेहत पर इसका बेहद खराब असर पड़ा है. कंपनी के प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने वाले कई ग्राहकों ने कंपनी पर कई गंभीर लगाए हैं जिसमें खतरनाक केमिकल्स का उपयोग सबसे मुख्य और आम है.

जॉनसन एंड जॉनसन को एक न्यूयॉर्क स्टेट जज ने कंपनी के बेबी पाउडर केस में 120 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया है. आदेश के मुताबिक, कंपनी को यह हर्जाना ब्रूकलीन की एक महिला और उसके पति को देना होगा. इस महिला ने जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर के इस्तेमाल से कैंसर होने का आरोप लगाया था. महिला के वकील ने कोर्ट को बताया कंपनी को 1970 से पता था कि उनके टैल्कम पाउडर में हानिकारक केमिकल्स हैं जिनसे सेहत को नुकासन पहुंच सकता है, मगर कंपनी ने इस बात को छुपाकर रखा.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मैनहेटन में स्टेट सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस गेराल्ड लेबोविट्स ने, मई 2019 में 14 हफ्ते के ट्रायल के बाद डोना ओल्सन, 67 और रॉबर्ट ओल्सन, 65 के लिए एक जूरी की तरफ से घोषित 325 मिलियन डॉलर की राशि को कम कर दिया. लेबोविट्स ने 11 नवंबर को लिखा कि हर्जाने की राशि बहुत ज्यादा थी, और ओल्सन दंपती या तो 120 मिलियन डॉलर स्वीकार कर सकते हैं या हर्जाने को लेकर नया मुकदमा कर सकते हैं.

इस बीच, जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा है कि कंपनी फैसले को चुनौती देगी, उसके मुताबिक, ट्रायल में “अहम कानूनी चूक” हुई हैं. कंपनी ने कहा, ‘’हम कैंसर से पीड़ित किसी भी व्यक्ति के साथ गहरी सहानुभूति रखते हैं, यही वजह है कि तथ्य इतने अहम हैं. हमें अब भी भरोसा है कि हमारा टैल्क सुरक्षित है और इससे कैंसर नहीं होता.’’

जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के खिलाफ ये पहला मामला नहीं है, एक अमेरिकी कोर्ट ने फरवरी में भी कंपनी पर 475 करोड़ का जुर्माना लगाया था. इस मामले में जैक्लिन फॉक्स नाम की महिला की ओवेरियन कैंसर से मौत हो गई थी. बेबी पाउडर में कैंसरात्मक तत्व मौजूद होने के आरोप लगते रहे हैं.