कानपुर (उत्तर प्रदेश): कानपुर के बिकरू गांव में पिछले हफ्ते बदमाशों के साथ मुठभेड़ में जान गंवाने वाले पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा की बेटी वैष्णवी ने इस मामले की गहराई से जांच कराए जाने की मांग की है. इसके साथ ही वैष्णवी ने एक और बड़ा संकल्प लिया है. वैष्णवी ने कहा कि वह अब डॉक्टर नहीं बनना चाहती है. वह पुलिस अफसर बनना चाहती है ताकि पिता के कातिलों को सजा मिल सके. बता दें कि डॉक्टर बनने के लिए वैष्णवी मेडिकल की तैयारी कर रही हैं. इसके बाद भी उन्होंने ये बड़ा फैसला किया है. Also Read - विकास दुबे के गांव में दबिश देने से पहले का पुलिस का ऑडियो अब हुआ वायरल, पूर्व SSP की बढ़ेगी मुसीबत

पुलिस अफसर की बेटी वैष्णवी ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि उसने और उसके चाचा ने देवेंद्र मिश्रा की निजी फाइलें, दस्तावेज और व्हाट्सएप संदेशों को खंगाला है और उन्हें मीडिया के सामने पेश किया है. इसमें वह पत्र भी शामिल है, जो मिश्रा ने तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव तिवारी को लिखा था, जिसमें उन्होंने चौबेपुर के थाना अध्यक्ष विनय तिवारी की शिकायत की थी. Also Read - यूपी में ऑनर किलिंग: लड़की ने प्रेमी को मिलने घर बुलाया था, परिवारवालों ने आग लगा दी, दोनों की मौत

वैष्णवी की मांग है कि विगत दो-तीन जुलाई की बीच रात करीब एक बजे बिकरू गांव में माफिया सरगना विकास दुबे को पकड़ने के लिए दबिश देने गई पुलिस पर हुए हमले की गहराई से जांच की जाए, जिसमें उसके पिता तथा सात अन्य पुलिसकर्मी मारे गए थे. उसने कहा कि उसके पास उस बातचीत की रिकॉर्डिंग है, जिसमें उसके पिता ने कानपुर के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी से वार्तालाप की थी. Also Read - UP Govt अब संजीत यादव अपहरण- मर्डर केस की CBI जांच के लिए करेगी सिफारिश