मुंबई. औरंगाबाद के रहने वाले 70 वर्षीय काशीनाथ गवली ने जब दस्तक की आवाज सुनकर घर का दरवाजा खोला तो वहां एक अनजान विदेशी शख्स को खड़ा पाया. गवली कुछ समझ पाते इससे पहले शख्स ने अपना परिचय देते हुए कहा कि वह केन्या के सांसद रिचर्ड टोंगी हैं और 30 साल पहले उनसे लिया 200 रुपए का कर्ज लौटाने आए हैं. पूरा माजरा जानकर गवली भाव-विभोर हो उठे. रिचर्ड केन्या के न्यारीबरी चाचे निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं और वह यहां मुंबई अपने पुराने ऋणदाता को कर्ज लौटाने के लिए आए थे.

1985-89 के दौरान रिचर्ड औरंगाबाद में एक स्थानीय कॉलेज में प्रबंधन की पढ़ाई कर रहे थे. स्वदेश लौटने से पहले उन्होंने गवली से 200 रुपए का कर्ज लिया था. गवली उस वक्त वानखेड़ेनगर में राशन की दुकान चलाते थे, उसी इलाके में रिचर्ड रहा करते थे. इसलिए केन्या के सांसद सोमवार को जब उनसे मिलने पहुंचे तो गवली की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो सका.’’ रिचर्ड अपनी पत्नी के साथ औरंगाबाद आए थे. उन्होंने कहा मेरे लिए यह एक भावुक यात्रा थी. जब मैं गवली से मिला तो उनकी आंखें छलक उठीं.

उन्होंने मीडिया से कहा, ‘‘औरंगाबाद में जब मैं पढ़ाई कर रहा था तब मेरी स्थिति ठीक नहीं थी, तब इन लोगों (गवली परिवार) ने मेरी मदद की. मैंने सोचा था कि कभी मैं जरूर वापस आऊंगा और अपना कर्ज लौटाऊंगा. मैं उन्हें शुक्रिया अदा करना चाहता था. यह मेरे लिए बेहद भावुक पल था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ईश्वर उन बुजुर्ग (गवली) और उनके बच्चों का भला करे. मेरे साथ वे बहुत अच्छे से पेश आए. वे मुझे भोजन कराने के लिए होटल ले जाना चाहते थे लेकिन मैंने उनके घर पर ही भोजन करने पर जोर दिया.’’ औरंगाबाद से विदा लेते समय केन्या के सांसद ने अपने गवली काका को अपने देश आने का न्योता भी दिया.