नई दिल्ली: केरल में आई भीषण बाढ़ के दौरान सेना के जवानों ने हजारों लोगों को नई जिंदगी दी है. केरल में जवानों की बहादुरी के कई विडियो सामने आए हैं. जवानों ने अपनी सूझबूझ से बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को बचाया है. वहीं राज्य के मछुआरे भी अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों की जान बचा रहे हैं. रविवार को एक विडियो वायरल हुआ था जिसमें महिलाएं मछुआरे की पीठ पर पैर रखकर एनडीआरएफ की नाव पर बैठ रही हैं. इसके बाद इस मछुआरे की हर ओर तारीफ हो रही है. इनका नाम जैसल केपी हैं जो केरल तनूर के रहने वाले हैं. जैसल बाढ़ में फंसी महिलाओं को सहारा देने पानी में ही झुककर खड़े रहे ताकि महिलाएं नाव में आसानी से बैठ सकें.

कई मछुआरों ने अपने इंजन बोट्स दे दिए ताकि स्थानीय लोगों को सुरक्षित बचाया जा सके.जैसल ने कहा, ‘हम यह स्वेच्छा कर रहे हैं ताकि कोई भी ऐसा ना बचे जिसे मदद ना मिले.हमारे पास सुरक्षा गार्ड या कोई उपकरण नहीं है. हम लोगों को बचाने के लिए अपना जीवन खतरे में डाल रहे हैं.

वहीं दूसरी ओर सर्वाधिक प्रभावित स्थानों जहां लोग भोजन या पानी के बिना फंसे हुए हैं, उनमें चेंगन्नूर, पांडलम, तिरुवल्ला और पथानामथिट्टा जिले के कई इलाके, एर्नाकुलम में अलुवा, अंगमाली और पारावुर में शामिल हैं. अलाप्पुझा में बचाव कार्य में मदद के लिए आए फंसे मछुआरों के एक समूह ने अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी होने की शिकायत की. समूह ने कहा कि हमने कई लोगों को बचाया लेकिन अब हम जहां से अपनी नाव से आए थे, वहां लौटने में हमारी मदद करने के लिए कोई नहीं है. हमने बचाव कार्यो में अपने जीवन को खतरे में डाल दिया लेकिन अब हमारी मदद के लिए कोई नहीं है.