लखनऊ: उत्तर प्रदेश की कई जगहों पर इमाम हुसैन की याद में मातम के बीच मुहर्रम के दिन मुस्लिम युवाओं ने ब्लड डोनेट किया. ख़ास बात ये भी रही कि कई मुस्लिम युवतियों ने भी ब्लड डोनेट किया. यूपी में राजधानी में लखनऊ के साथ ही कई और शहरों में मुहर्रम के दिन रक्तदान किया गया. मुस्लिम युवक-युवतियों के इस कदम की सराहना की जा रही है. इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. Also Read - पाकिस्तान में पेट्रोल से भी महंगा हुआ दूध, 140 रुपये लीटर के पार पहुंचा 

Muharram 2018: इंसानियत के लिए शहीद हुए थे हुसैन, पानी को भी तड़पे थे बच्चे, जानिए कैसी थी ‘कर्बला की जंग’ Also Read - इराक: कर्बला शहर में भगदड़ में 31 की मौत, मुहर्रम पर मातम मनाने के दौरान हुई घटना

युवतियों ने भी किया ब्लड डोनेट
कर्बला की जंग में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद किया जाता है. मुस्लिम समुदाय इमाम हुसैन को याद कर मातम मनाते हैं. अंगारों पर चलते हैं. अज़ादार (शोक करने वाले) इमाम हुसैन को याद कर रोते हैं, खुद को लहुलुहान करते हैं. इसी बीच खुद का खून इस तरह से नहीं बहाते हुए मुस्लिम युवाओं ने रक्तदान करने का फैसला किया. लखनऊ में हुसैनी वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों ने ब्लड डोनेट किया. ख़ास बात ये रही कि यहां मुस्लिम युवतियों ने भी ब्लड डोनेट किया. रक्तदान करने वाले युवाओं का कहना है कि रक्त बहाने से बेहतर है कि किसी जरूरतमंद को खून मिले और उसकी जान बचे. यह बेहद जरूरी है. Also Read - Muharram 2019: मुहर्रम के बारे में वो 8 बातें जो शायद आप भी जानते नहीं होंगे...

#Muharram 2018: एक अल्लाह, एक मज़हब, फिर क्यों है शिया-सुन्नी में असमानता, जानिए कैसा होता है मुहर्रम का मातम

इन जगहों पर भी किया ब्लड डोनेट
इसके साथ ही फिरोजाबाद में भी मुस्लिमों ने मुहर्रम के दिन ब्लड दिया. यहां इस्लामिक सेंटर द्वारा आयोजित कैंप में 33 लोगों ने ब्लड डोनेट किया. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी कई जगहों पर ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किए. चिंतक सैयद शहंशाह हैदर आब्दी ने बताया कि अजादार खून बहाकर शोक मनाते हैं. वह कहते हैं कि इमाम हुसैन इंसानियत के लिए शहीद हुए थे. क्यों न हम रक्तदान कर उनके इंसानियत को ज़िंदा रखने के उद्देश्य को आगे बढ़ाया जाए. रक्तदान का मकसद यही है. वह बताते हैं कि यूपी के झांसी में भी इस तरह के रक्तदान शिविर आयोजित कराए जाते रहे हैं. यह अच्छी पहल है.