कोलकाता. लोगों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा एक जादूगर स्टंट में नाकाम रहने पर रविवार को यहां हुगली (गंगा) नदी में डूब गया. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जादूगर चंचल लाहिड़ी अपने हाथ-पैर जंजीर से बांधकर क्रेन की मदद से नदी में चला गया. वह लोगों को दिखाना चाहता था कि वह बिना किसी मदद के पानी से बाहर आ सकता है, लेकिन ऐसा हो न सका. नदी में उतरने के बाद से ही वह लापता है. बंगाल के सोनारपुर का रहने वाला जादूगर इससे पहले भी कई हैरतअंगेज करतब दिखा चुका था. Also Read - TMC एमपी मिमी चक्रवर्ती को कैब ड्राइवर ने किए अभद्र इशारे और कमेंट, पुलिस ने किया अरेस्‍ट

उन्होंने बताया कि हादसा नॉर्थ पोर्ट पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत हावड़ा पुल के नीचे हुआ. पुलिस ने आपदा प्रबंधन विभाग की मदद से लाहिड़ी का पता लगाने के लिए अभियान शुरू किया है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि 41 वर्षीय जादूगर चंचल लाहिड़ी ने स्टंट करने की अनुमति ली थी, लेकिन वहां उचित सुरक्षा इंतजाम नहीं थे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दक्षिणी कोलकाता के सोनारपुर का रहने वाला चंचल लाहिड़ी का दावा था कि उसने ढाई हजार से ज्यादा बार जादुई करतब का प्रदर्शन किया है. Also Read - Free Online Consultation: मरीजों को ऑनलाइन मुफ्त परामर्श दे रहे यहां के डॉक्टर, जानें डिटेल्स...

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, छह साल पहले भी चंचल लाहिड़ी ने नदी में डूबने और वहां से निकल जाने वाली जादुई-ट्रिक का एक प्रयास किया था. उस समय वह गहरे पानी में उतरकर निकल भी आया था, लेकिन लोगों ने उसकी चालाकी पकड़ ली थी. इसके कारण चंचल लाहिड़ी को लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा था. इस बार उसने फिर से वही जादुई करतब दिखाने का प्रयास किया, लेकिन नदी से निकल पाने में नाकाम रहा. Also Read - चलती कार में महिला के साथ घिनौनी हरकत कर रहा था शख्स, न मानने पर महिला ने किया कुछ ऐसा...

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, हावड़ा ब्रिज के 28वें पिलर के पास बीते रविवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे यह हादसा हुआ. जादूगर चंचल लाहिड़ी का यह हैरतअंगेज करतब देखने उस समय वहां पर हजारों लोग जमा थे. कुछ लोग हुगली नदी के जेट्टी पर मौजूद थे, जबकि सैकड़ों की संख्या में अन्य लोग हावड़ा पुल के ऊपरी हिस्से से यह करतब देखने के लिए इकट्ठा हुए थे. लोगों का कहना था कि नदी में उतरने से पहले चंचल के हाथ और पैर बांध दिए गए थे. इसके बाद उसे क्रेन के सहारे नदी में उतारा गया. वहीं कुछ अन्य दर्शकों का कहना था कि हाथ-पैर बांधने के बाद वह पुल से नदी में कूद गया था. बहरहाल, नदी में उतरने के कुछ देर बाद जब चंचल बाहर नहीं आया, तब वहां मौजूद दर्शकों को चिंता हुई. लोगों ने ही पुलिस को सूचना दी.

इससे पहले जब 2013 में चंचल लाहिड़ी ने यह खतरनाक करतब दिखाया था, उस समय इसके लिए उसने खुद को एक पिंजरे में कैद कर लिया था. लोगों का कहना था कि इस पिंजरे में एक को कई तालों से बंद कर दिया गया. लोगों का कहना था कि पिंजरा समेत नदी में जाने के कुछ ही देर बाद वह हावड़ा जेट्टी पर निकल आया था. लेकिन लोगों का आरोप था कि उस पिंजरे में एक दरवाजा भी था, जिसे खोलकर वह बाहर निकल आया था. इसको लेकर लोगों ने चंचल की खूब हूटिंग की थी.

(इनपुट – एजेंसी)