नई दिल्लीः लॉकडाउन के बीच हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है. लोगों के काम बंद पड़े हैं, जिसके चलते हर सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को. दिहाड़ी मजदूरों की हालत इन दिनों इतनी खराब हो गई है कि उनकी खाने-पीने जैसी आधारभूत सुविधाएं भी पूरी नहीं हो पा रही हैं. Also Read - परिवार के सदस्यों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए घर में पहने मास्क, अध्ययन में आई ये बात सामने

इस बीच आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाएं और भी परेशान हैं. जिनके पास इस्तेमाल के लिए पैड तक नहीं हैं. ऐसे में मलेशिया में एक महिला आगे आई है और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के घर-घर जाकर उन्हें पैड बांट रही हैं. Also Read - Rajasthan में Coronavirus से बढ़ा मौतों का आंकड़ा, कुल संक्रमित 8100 के पार

इस महिला का नाम है विमला कनगरत्मन, जो लॉकडाउन के बीच गरीब महिलाओं तक सैनिटरी नैपकिन पहुंचाने का काम कर रही हैं. हाल ही में विमला के पास एक युवक का कॉल आया था, जिसने उनसे मदद मांगते हुए कहा कि, वह काफी परेशान है, क्योंकि उसकी बेटी को पीरियड्स हो गए हैं और उसके पास अपनी बेटी के लिए पैड खरीदने तक के पैसे नहीं हैं. जिसके बाद विमला ने इस युवक के घर सेनिटरी नैपकिन की डेलिवरी की. Also Read - Lockdown 5.0 In Mumbai: कोरोना महामारी की मार झेल रहे मुंबई में बढ़ाई जाएगी लॉकडाउन की अवधि! यहां जानें सबकुछ

बता दें दुनिया भर में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. कोरोना वायरस से मौत के आंकड़ों में भी लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है. इस गंभीर महामारी से दुनिया भर में अब तक दो लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और वहीं करीब 28 लाख से अधिक अब भी इस वायरस से ग्रसित हैं. ऐसे में सभी देशों की सरकारें लॉकडाउन के जरिए इसे कंट्रोल करने की कोशिश कर रही हैं.