परिवार में किसी का अपहरण हो जाए तो बाकी सदस्यों पर क्या बीतती है, इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. पर कई लोग इस संजीदा अपराध को खेल समझते हैं. अपना अपहरण कराना तो यही साबित करता है. Also Read - सात महीने बाद सिर्फ एक दिन के लिए खुला 'बांके बिहारी मंदिर', फिर से बंद किए गए कपाट, ये है बड़ी वजह

मामला मैनपुरी का है. खबरों के मुताबिक, यहां 32 साल के एक शख्स ने अपने अपहरण का नाटक किया. Also Read - UP: पुलिस का खुलासा, गोंडा का पुजारी खुद पर हमले की साजिश में सरपंच और महंत के साथ शामिल था

ये शख्स शादीशुदा है. इसने कर्ज को चुकाने से बचने के लिए खुद के अपहरण का नाटक किया. व्यक्ति को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया है. Also Read - 'मिशन शक्ति' शुरू, CM योगी बोले- बेटियों पर बुरी नजर डालने वालों के लिए UP में कोई जगह नहीं

साजिश का हिस्सा होने पर व्यक्ति के भाई, दोस्त और एक ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस के अनुसार, इस शख्स का नाम है सुलेमान अल्वी. ये भवन निर्माण सामग्री का व्यवसाय करता है.

बीते 21 सितंबर को व्यक्ति के भाई सद्दाम हुसैन ने मैनपुरी के दानहर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि सुलेमान का चार अज्ञात हमलावरों ने अपहरण कर लिया है और अपहरण तब हुआ जब वह अपनी बोलेरो में घर लौट रहा था. प्राथमिकी आईपीसी की धारा 364 के तहत दर्ज की गई थी.

हालांकि, जांच से पता चला कि सद्दाम की कहानी तथ्यों से मेल नहीं खा रही थी. यह खुलासा हुआ कि सद्दाम अपने भाई की योजनाओं के बारे में जानता था और उसने फर्जी शिकायत दर्ज कराई थी.

पुलिस को यह भी पता चल गया कि सुलेमान भिवाड़ी में है. बताए गए पते पर पुलिस की एक टीम भेजी गई, जहां पाया गया कि सुलेमान अपने दो बच्चों व एक महिला के साथ रह रहा था.

सुलेमान ने पुलिस को बताया कि वह पिछले आठ साल से महिला के साथ रिश्ते में था. उसने महिला के साथ रहने के लिए अपने अपहरण की योजना बनाई. इसके साथ ही उसके पास 12 लाख रुपये के कर्ज को चुकाने के लिए पैसे नहीं थे.

वहीं सुलेमान को जब गिरफ्तार किया गया, तब वह नेपाल जाने की व्यवस्था कर रहा था.

फर्जी अपहरण मामले को सुलझाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आगरा रेंज) ए. सतीश गणेश ने पुलिस टीम को 40,000 रुपये का इनाम दिया है.
(एजेंसी से इनपुट)