क्रिसमस(Christmas) आके ही हम सभी के जहन में सैंटा क्लॉज(Santa Claus) का ख्याल सबसे पहले आता है. बचपन से ही हमें सांता क्लॉज के बारे में कहानियां सुनने को मिलती रही हैं. हाल ही में एक रिसर्त में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. रिसर्च कि मुताबिक पूरी दुनिया में बच्चे आठ वर्ष की आयु के आसपास सांता क्लाज पर विश्वास करना बंद कर देते हैं. Also Read - Christmas पर सैंटा बने कार्तिक आर्यन, दीपिका पादुकोण ने मांगा ये गिफ्ट

यह बात एक अंतरराष्ट्रीय सर्वे में सामने आई है. इसके अलावा एक और बात सामने आई कि करीब 34 प्रतिशत वयस्क चाहते हैं कि वे अभी भी ‘फादर क्रिसमस’ में विश्वास करें. इस रिसर्च से यह भी पता चलता है कि सांता क्लाज में कई बच्चे विश्वास नहीं करते लेकिन कई ऐसे युवा भी हैं जो यह दिखावा करते हैं कि वे सांता क्लाज में विश्वास करते हैं जबकि उन्हें पता है कि उसका कोई अस्तित्व नहीं है. Also Read - Christmas 2019: कब है क्रिसमस, जानिए कौन है सांता क्लॉज और कहां से आता है?

ब्रिटेन की ‘यूनिवर्सिटी आफ एक्सेटर’ में मनोविज्ञान के प्रोफेसर क्रिस बोयल ने विश्व में लोगों से पूछा कि वह उन्हें बतायें कि उन्होंने सांता के बारे में अपना मन कैसे बदला है और यह पता चलने पर क्या उनका अपने अभिभावकों पर विश्वास प्रभावित हुआ कि सांता जैसे दिखते हैं वैसे हैं नहीं. Also Read - Christmas 2019: आखिर क्यों सजाया जाता है क्रिसमस ट्री? दुनिया में हैं अलग-अलग मान्यताएं

बोयल को ‘इ एक्सेटर सांता सर्वे’ पर पूरे विश्व से 1200 जवाब मिले. यह अपने तरह का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय अध्ययन था. जवाब देने वालों में अधिकतर वयस्क थे. इस रिसर्च से यह पता चलता है कि 34 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि वे अभी भी सांता क्लाज में विश्वास करें जबकि 50 प्रतिशत इस बात को लेकर काफी संतुष्ट हैं कि उनका अब इसमें विश्वास नहीं है.

रिसर्च के मुताबिक आठ वर्ष की औसत आयु में बच्चे सांता क्लाज में विश्वास करना बंद कर देते हैं.