Monsoon Session Of Parliamen: देश में जारी कोरोना संकट (Coronavirus) के बीच संसद के मॉनसून सत्र की आज से शुरुआत हो गई है. 18 दिन चलने वाले इस संसद सत्र (Parliament Session) में कोरोना से बचाव के सभी मानदंडों का पालन किया जाएगा. कोरोना को देखते हुए मॉनसून सत्र के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं. इस सत्र में कई चीजें पहली बार हो रही हैं जिनमें दोनों सदनों की बैठक सुबह-शाम की पालियों में होना और सत्र में एक भी अवकाश नहीं होना शामिल हैं. उधर, पीएम मोदी ने संत्र शुरू होने से पहले पत्रकारों से बात की. Also Read - विपक्ष के भारी हंगामे के बीच लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी ध्वनिमत से पारित हुआ दो कृषि बिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले सभी मीडियाकर्मियों के हालचाल पूछे और कहा कि आप और आपके परिवार से सब कुशल तो हैं न? प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक लंबे अंतराल के बाद आज आप सबके दर्शन हो रहे हैं. कोई संकट तो नहीं आया है न आपके परिवार में भी?चलिये ईश्वर आपको सलामत रखें. इस दौरान पीएम मोदी ने पत्रकारों से भी अपील की कि वह कोरोना के इस दौर में अपना ख्याल रखें. पीएम ने कहा कि मैं आपसे भी आग्रह करूंगा कि कोरोना के इस काल में आपको पहले की तरह मुक्ति से हर जगह जाने का नहीं मिलेगा, लेकिन अपने को जरूर संभालना दोस्तों (PM Modi On Journalists). खबरें तो मिल जाएंगी आपके लिए कोई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन खुद को जरूर संभालना दोस्तो.

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना की जब तक दवाई नहीं आ जाती तब तक ढिलाई बरतना नहीं चाहिए. पीएम ने कहा कि ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं.’ पीएम मोदी ने कहा कि हम चाहते हैं कि दुनिया के किसी भी कोने में जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन उपलब्ध हो, हमारे वैज्ञानिक इस प्रक्रिया में जल्द से जल्द सफल हों और दुनिया में हर किसी को हम इस संकट से निकालने में कामयाब हों.

बता दें कि 18 दिन तक चलने वाले संसद सत्र (Parliament Session) के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं. इस सत्र में कई चीजें पहली बार हो रही हैं जिनमें दोनों सदनों की बैठक सुबह-शाम की पालियों में होना और सत्र में एक भी अवकाश नहीं होना शामिल हैं. संसद परिसर में केवल उन लोगों को प्रवेश की अनुमति होगी जिनके पास कोविड-19 संक्रमण (COVID-19) नहीं होने की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट होगी और लोगों का इस दौरान मास्क पहनना जरूरी होगा.

ज्यादातर कामकाज डिजिटल तरीके से होगा
सत्र के प्रारंभ से पहले सांसदों और संसद कर्मचारियों समेत 4,000 से अधिक लोगों की कोविड-19 के लिए जांच कराई गई है. इस बार ज्यादातर संसदीय कामकाज डिजिटल तरीके से होगा और पूरे परिसर को संक्रमणुक्त बनाने के साथ ही दरवाजों को स्पर्शमुक्त बनाया जाएगा. इस बार सोशल डिस्टेंसिंग के दिशानिर्देशों के तहत सांसदों के लिए विशेष बैठक व्यवस्था की गई है.

राज्यसभा की कार्यवाही सुबह के सत्र में
सत्र के पहले दिन को छोड़कर बाकी दिन राज्यसभा की कार्यवाही सुबह की पाली में 9 बजे से दोपहर एक बजे तक संचालित होगी, वहीं लोकसभा दोपहर तीन बजे से शाम 7 बजे तक बैठेगी. दोनों सदनों के चैंबरों और गैलरियों का इस्तेमाल दोनों पाली में सदस्यों के बैठने के लिए किया जाएगा. दोनों पालियों के बीच पूरे परिसर को संक्रमण मुक्त किया जाएगा.

SOP का पूरा ध्यान रखा गया
पूरे संसद परिसर को कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के मद्देनजर सुरक्षित क्षेत्र बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर और डीआरडीओ के अधिकारियों के साथ श्रृंखलाबद्ध बैठकें कीं. मॉनसून सत्र के 14 सितंबर से एक अक्टूबर तक आयोजन के दौरान तय मानक परिचालन प्रक्रियाओं (SOP) के अनुसार सांसदों, दोनों सदनों के सचिवालयों के कर्मियों तथा कार्यवाही कवर करने वाले मीडियाकर्मियों को कोविड-19 की जांच (Corona Test) कराने को कहा गया है और यह जांच सत्र शुरू होने से 72 घंटे से अधिक पहले नहीं होनी चाहिए.