नई दिल्ली: दिल्ली के मीठापुर के पास सड़क किनारे नहर के किनारे एक महिला अपने बच्चे के साथ खड़ी थी. देखते ही देखते उसने छलांग लगा दी. वहां से एक ऑटो चालक गुजर रही था. ऑटो चालक ने तमाशा न देखते हुए ऑटो सड़क किनारे खड़ा दिया और नहर में कूद पड़ा. हैरतअंगेज बहादुरी को अंजाम देते हुए उसने अनजान महिला और उसके बेटे को बचा लिया. बाहर खड़े तीन लोगों को महिला को पानी से खींच लिया. महिला बच गई, लेकिन उसे बचाने वाला ऑटो चालक पानी के भंवर में फंस गया. तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन ऑटो चालक मिला और न उसका शव. आशंका यही जताई जा रही है कि ऑटो चालक की मौत हो चुकी है. पुलिस ऑटो चालक को जीवन रक्षा बहादुरी पुरस्कार की अनुशंसा की जाएगी.

खुद की परवाह किए बिना अनजान महिला के लिए नहर में कूदा
मामला दिल्ली के मीठापुर (बदरपुर के पास) इलाके की है. करीब तीन दिन पहले 30 वर्षीय आटो चालक पवन शाह सवारी को छोड़कर अपने घर वापस लौट रहा था. इसी दौरान उसने देखा कि मीठापुर नहर पर एक पुल के किनारे पर एक महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर खड़ी है और उसके देखते-देखते महिला ने बच्चे के साथ पुल से छलांग लगा दी. पवन ने सड़क किनारे ऑटो रोका और महिला एवं उसके बच्चे को बचाने के लिए बिना कुछ सोचे उसने पानी मे छलांग लगा दी. साथ ही उसने मदद के लिए आवाज लगाई. वहां से गुजर रहे तीन लोगों ने पवन और महिला को देखा. पवन महिला और उसके बच्चे को पानी में नहीं डूबने दे रहा था. इसी बीच बाहर खड़े तीन युवकों ने मानव श्रृंखला बना कर उन्हें बचाने की कोशिश करने लगे. उन लोगों ने मां-बेटे दोनों को डूबने से बचा लिया, लेकिन जब वे पवन को बचाने गए तब तक बहुत देर हो चुकी थी और आटो चालक पानी के तेज बहाव में बह गया था.

दिया जाएगा जीवन रक्षा बहादुरी पुरस्कार
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पूर्व) चिन्मय बिस्वाल ने बताया कि तीनों व्यक्तियों राजवीर, जमील और संजीव ने घटना के बारे में जैतापुर पुलिस थाने को सूचित किया. पुलिस ने जल्द ही घटनास्थल पर पहुंच गई और पवन की तलाशी शुरू कर दी. हालांकि चार दिन बीतने के बाद भी उसका शव बरामद नहीं हुआ है. बचाई गई महिला और उसके बच्चे को अस्पताल ले जाया गया और उनकी स्थिति अब स्थिर है. जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि पति से झगड़े के बाद महिला ने अपने बच्चे के साथ आत्महत्या की कोशिश की थी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि पवन के नाम की अनुशंसा ‘जीवन रक्षा’ बहादुरी पुरस्कार के लिए की जाएगी. वहीं, पवन की बहादुरी और किसी के लिए अपनी जान जोखिम में डाल मदद करने की बात जो भी सुन रहा है, वह उसे मानवता की मिसाल बता रहा है.