कराचीः जानलेवा कोरोना वायरस(Coronavirus) के प्रसार को रोकने के लिए तमाम देशों में सरकारें लॉकडाउन(Lockdown) का सहारा ले रही हैं. लेकिन, लोगों के हित में ही किए जा रहे इस उपाय को भी लोग तरह तरह के बहाने बनाकर इस लड़ाई को कमजोर बनाने से बाज नहीं आ रहे. पाकिस्तान(Pakistan) के शहर कराची में ऐसी ही एक घटना में तो कुछ लोगों ने लॉकडाउन के बाहर निकलने के लिए सारी हदें पार कर दीं Also Read - योगी आदित्यनाथ बोले- अनलॉक 1.0 का मतलब आजादी नहीं है, सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक लोग एकत्र ना हों

कराची में कुछ लोगों को घूमने की ऐसी तलब लगी थी कि उन्होंने बाहर निकलने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया और इसके लिए एक जिंदा आदमी को मुर्दा बनाकर ले गए. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, लॉकडाउन में एंबुलेंस को आवाजाही की छूट हासिल है. इसी छूट की आड़ में कुछ लोग ‘फर्जी शव’ लेकर एंबुलेंस से यात्रा पर निकल पड़े. Also Read - Hajj Yatra 2020: आखिर क्यों कैंसिल हुई हज यात्रा, कमेटी वापस करेगी जमा पैसे, जानें क्या है बड़ी वजह

रिपोर्ट में बताया गया है कि दस लोगों ने कराची से खैबर पख्तूनख्वा तक जाने के लिए एक एंबुलेंस वाले से साठगांठ की. इस मामले में सबसे खास बात यह रही कि प्रशासन को बेवकूफ बनाने के लिए इन लोगों के पास किसी दूसरे व्यक्ति की मृत्यु का प्रमाणपत्र भी था. इन्होंने अपने बीच के एक शख्स को ‘शव’ में बदल दिया. उसे कफन में लपेटा, एंबुलेंस में रखा और यात्रा पर निकल पड़े. Also Read - WHO Unbelievable Statement: भारत में कोरोनावायरस के तेजी से बढ़ते मामलों पर WHO ने कही ये बड़ी बात, आप भी रह जाएंगे हैरान

सुपर हाईवे पर एक बैरियर पर पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस को रोका तो उसमें करीब दस लोग सवार मिले. पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके रिश्तेदार की मौत हो गई है और वे शव को लेकर अपने पैतृक गांव जा रहे हैं. इन लोगों ने अपने पास मौजूद पुराना मृत्यु प्रमाणपत्र दिखाया. पुलिसवालों को इनके हावभाव से शक हुआ. उन्होंने कफन को हटाया तो ‘मुर्दा’ घबराकर उठ गया.

पुलिस ने इन सभी दस लोगों को कुछ देर हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया लेकिन एंबुलेंस चालक को गिरफ्तार कर लिया और एंबुलेंस जब्त कर ली. चालक ने बताया कि उसने इन लोगों से यात्रा के लिए 52 हजार रुपया लिया था.