वाराणसीः यहां केंद्रीय जेल में पिछले 16 साल से कैद एक पाकिस्तानी नागरिक जलालुद्दीन को रविवार को रिहा कर दिया गया. जलालुद्दीन को वाराणसी छावनी इलाके से संदिग्ध दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया गया था. अब वह अपने देश पाकिस्तान लौट रहा है. लेकिन इस पूरी कवायद में एक सबसे मजेदार चीज यह है कि जेल में कैद रहने के दौरान जलालुद्दीन पूरी तरह से बदल गया और स्वदेश जाते वक्त उसने अपने साथ गीता की प्रति लेकर गया. एक विशेष टीम जलालुद्दीन को अमृतसर ले गई है. वहां बाघा-अटारी बोर्डर पर उसे पाकिस्तान के हवाले किया जाएगा. Also Read - 11yr old Pak national Hina released from Amritsar jail along with mother Fatima & aunt Mumtaz | 11 साल की पाकिस्तानी लड़की अमृतसर जेल से रिहा, मां ने किया मोदी को सलाम

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वाराणसी सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अंब्रीश गौड़ ने बताया कि जलालुद्दीन को 2001 में छावनी इलाके से गिरफ्तार किया गया था. वह पाकिस्तान के सिंध प्रांत का रहने वाला है. उसे एयरफोर्स ऑफिस के पास से पुलिस ने कुछ संदिग्ध दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उसके पास छावनी इलाके और अन्य अहम जगहों का मानचित्र बरामद किया था. उसे 16 साल की जेल की सजा हुई थी.

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गौड़ ने बताया कि जलालुद्दीन को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट और फॉरेनर्स एक्ट के तहत सजा हुई थी. अब उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है. वह अपने साथ भगवद गीता की एक प्रति लेकर गया है. गौड़ ने बताया कि जब जलालुद्दीन को गिरफ्तार किया गया था तब वह केवल हाईस्कूल पास था. इसके बाद उसने जेल से इंटरमीडिएट और इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से एमए की डिग्री हासिल की. उसने जेल में ही इलेक्ट्रिशियन का कोर्स किया. वह जेल की क्रिकेट लीग में पिछले तीन साल से एंपायर था.