चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने वाले रास्ते पर पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान के साथ पांच मिनट की बस यात्रा की. इस सफर के दौरान दोनों ने क्रिकेट पर जमकर चर्चा की और कुछ सुनहरे पल को याद किया. सिंह ने याद किया कि कैसे 1934-35 में उनके पिता की कप्तानी में इमरान खान के चाचा ने पटियाला और भारत के लिए क्रिकेट खेला था. पंजाब के मुख्यमंत्री करतारपुर गलियारे के माध्यम से पाकिस्तान में प्रवेश करने वाले 550 से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे का हिस्सा थे. बस यात्रा के बाद पाकिस्तान के प्रमुख और उनके विदेश मंत्री द्वारा करतारपुर कॉरिडोर की जीरो पॉइंट पर उनका स्वागत किया गया.

भारत, पाकिस्तान और क्रिकेट: 

पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से एक आधिकारिक बयान में कहा गया की इस मुलाकात की अहम वजह करतारपुर कॉरिडोर ही है. मजेदार बात तो ये है कि बयान में इमरान खान और अमरिंदर सिंह के बीच क्रिकेट को लेकर जो बातें हुई वो भी शामिल थी. बयान में कहा गया,  “क्रिकेट, निश्चित रूप से हर भारतीय और पाकिस्तानी के बीच हमेशा से एक सामान्य धागा रहा है”. जारी बयान में यह भी कहा गया कि, इस छोटी सी बस यात्रा से आपसी बॉन्ड भी अच्छा हुआ है. कैप्टन अमरिंदर सिंह और इमरान खान के बीच यह पहली मुलाकात थी जिससे दोनों ने एक दूसरे को समझने और जानने की कोशिश की है.

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इन महान दिग्गजों के साथ खेल चुके थे इमरान के चाचा जहांगीर:

इस छोटी सी यात्रा के दौरान सिंह साहब ने पाक पीएम इमरान को बताया कि उन्होंने इमरान खान को उनके क्रिकेट के दिनों में खेलता देखा है. इमरान के साथ बातचीत के दौरान, कैप्टन अमरिंदर ने बताया कि उनके चाचा, जहांगीर खान ने मोहम्मद निसार, लाला अमरनाथ, तेज गेंदबाज अमर सिंह और दो अली बल्लेबाजों (वसीर अली और अमीर अली) के साथ पटियाला के लिए खेला था. इस सफर में कुछ ऐसी बातें भी हुई जिसका इमरान खान ने पूरा आनंद लिया. पंजाब के मुख्यमंत्री ने बताया कि “ये सात खिलाड़ी कैप्टन अमरिंदर के पिता, महाराजा यदविंदर सिंह (तत्कालीन पटियाला राज्य के शासक) द्वारा 1934-35 में, भारत के लिए और पटियाला के लिए टीम का हिस्सा बने थे.

मुख्यमंत्री कार्यालय से जो बयान जारी किया किया गया उसमे इमरान के चाचा जहांगीर का भी जिक्र हुआ और इतिहास के पन्नों को फिर से खोलते हुए उन दोनों ने एक अच्छा वक्त बिताया. यह गलियारा पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब, गुरु नानक देव के अंतिम विश्राम स्थल, पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक से जोड़ता है.

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करतारपुर कॉरिडोर रही वजह:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को करतारपुर कॉरिडोर के भारतीय खंड का उद्घाटन किया और गुरुद्वारा दरबार साहिब में तीर्थयात्रियों के पहले समूह को हरी झंडी दिखाई. पाकिस्तानी पक्ष पर पड़ने वाले कॉरिडोर का हिस्सा पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा खोला गया था. यह गलियारा पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब, गुरु नानक देव के अंतिम विश्राम स्थल, पंजाब के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक से जोड़ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को करतारपुर कॉरिडोर के भारतीय खंड का उद्घाटन किया और गुरुद्वारा दरबार साहिब में तीर्थयात्रियों के पहले समूह को हरी झंडी दिखाई. पाकिस्तानी पक्ष पर पड़ने वाले कॉरिडोर का हिस्सा पड़ोसी देश के प्रधान मंत्री इमरान खान द्वारा खोला गया था.