नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर आए दिन कई चीजें ट्रेंड करती रहती हैं. इसी में अब सोशल मीडिया पर परांठा खूब ट्रेंड कर रहा है. इसके ट्रेंड करने के पीछे का अहम कारण है एक सरकारी नियम. जी हां. दरअसल कर्नाटक स्थित अथॉरिटी ऑफ रूलिंग ने पराठें पर जीएसटी के स्लैब बढ़ाने को लेकर आदेश जारी कर दिया है. हालांकि परांठा एक तरह से रोटी का ही पार्ट है लेकिन रोटी पर जहां 5 प्रतिशत टैक्स लगता है वहीं अब परांठे को 18 फीसदी वाले टैक्स स्लैब में रखने को लेकर आदेश जारी किया गया है. Also Read - राहुल गांधी ने PM मोदी का वीडियो शेयर कर कहा- हारवर्ड में ये तीन विफलताएं होंगी केस स्‍टडी

कर्नाटक सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले का लोग खूब मजाक बना रहे हैं. इस कारण यह सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा है. लोग तरह तरह के मीम्स बनाकर भी शेयर कर रहे हैं. यही नहीं सरकारी नियम को लोग कोस भी रहे हैं. लोगों का मानना है कि सरकारी नियम के कारण अब परांठा खाना एक महंगा शौक हो जाएगा. बता दें कि उद्योगपति आनंद महिंदा ने भी इस पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया है. Also Read - टिकटॉक और हेलो बंद होने से चीनी कंपनी को बड़ा झटका, 45 हज़ार करोड़ का नुकसान

आनंद महिंद्रा ने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए कहा कि फिलहाल देश में काफी मुसीबतें चल रही हैं. अब तो पराठे का अस्तित्व भी खतरे में आ गया है. मुझे भारतीय जुगाड़ कौशल पर पूरा भरोसा है. जुगाड़ के जरिए लोग पराठा और रोटी की नई ब्रीड परोटीस तैयार कर लेंगे. बता दें कि कई लोग लगातार एक एक कर सोशल मीडिया पर परांठे को लेकर अपनी अपनी बात रख रहे हैं साथ ही मीम्स भी शेयर कर रहे हैं. Also Read - Coronavirus in Karnataka Update: कोविड-19 के कुल मामलों में से 25.92 प्रतिशत मामले अकेले बेंगलुरु से

वहीं कर्नाटक अथॉरिटी ऑफ रूलिंग ने आदेश में कहा कि शीर्षक 1905 के मुताबिक रोटी की मतलब है पहले से पकाए और तैयार किए गए खाने के सामान, जबकि परांठे को खाने से पहले या बनाने के लिए तत्काल गर्म करना पड़ता है. इस कारण एएआर 1905 के अंतर्गत इसे वर्गीकृत नहीं कर सकती इस कारण यह जीएसटी 99ए के तहत नहीं आएगा. बता दें कि 99 ए में सभी तरह के रोटियों को 5 प्रतिशत तक के टैक्स स्लैब में रखा गया है.