PM Modi Aatmnirbhar Bharat: पीएम मोदी ने जबसे आत्मनिर्भर भारत की बात कही है, पूरे देश में लोग इस दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं. Also Read - Full Lockdown in Madhya Pradesh: कोरोना वायरस के चलते फिर से थमी मध्य प्रदेश की रफ्तार, राज्य में लागू हुआ टोटल लॉकडाउन

कोरोना महामारी ने आम आदमी की जिंदगी पर बड़ा असर डाला है. ऐसे में मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में महिलाओं ने हालात बदलने के मकसद से ‘दीदी कैफे’ की शुरुआत की और उन्हें आस इस बात की है कि यह पहल आने वाले समय में उनकी जिंदगी में नई रौशनी लाएगी. Also Read - UGC Guidelines: ममता बनर्जी ने कहा- फाइनल परीक्षा पर यूजीसी के दिशानिर्देशों का छात्र हितों पर होगा विपरीत असर 

मुरैना के नूरावाद गांव की महिलाओं ने आजीविका के लिए मां शीतला जनहितकारी महिला मंडल बनाया. ये महिलाएं रुई की दीपक-बाती बनाने का काम करती थी, अब उन्होंने जिला पंचायत कार्यालय के परिसर में दीदी कैफे शुरू किया है. Also Read - केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं करें रद्द 

समूह की अध्यक्ष द्रोपदी बाधम ने बताया कि “वर्तमान में उनकी आमदनी उतनी नहीं हो रही है, जितने की वे अपेक्षा कर रही थीं. दीपक-बाती बनाकर उनके समूह की महिलाएं औसत तौर पर 100 रुपये दिन कमा लिया करती थीं, मगर कैफे से उतनी भी आमदनी नहीं हो रही है, क्योंकि जिला पंचायत कार्यालय में अभी कम कर्मचारी आ रहे हैं.”

बाथम बताती हैं कि जिस स्थान पर उन्होंने कैफे खोला है, उसका मासिक किराया पांच हजार रुपये माह है, वर्तमान में तो यह स्थिति है कि अभी जो सामान लाती हैं या यूं कहें कि लागत की रकम ही मुश्किल से निकल पाती हैं. वर्तमान में औसत तौर पर कुल बिक्री पांच से छह सौ रुपये मात्र की है.

आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, इस समूह की महिलाओं ने कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए एक लाख 50 हजार मास्क बनाए, उन्हें बेचकर समूह की महिलाओं को 90 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई.

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तरुण भटनागर ने मां शीतला स्व-सहायता समूह के कार्यों को देखकर जिला पंचायत कार्यालय परिसर में दीदी कैफे (कैंटीन) चलाने की अनुमति दी. स्व-सहायता समूह द्वारा 15 हजार रुपये का ऋण लेकर कच्ची सामग्री खरीदकर समूह की अध्यक्ष द्रोपदी बाथम ने दीदी कैफे का संचालन शुरू किया.

स्व-सहायता समूह की महिलाओं को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद आम जिंदगी सामान्य होने पर उनकी आमदनी बढ़ेगी और पारिवारिक स्थिति में भी सुधार आएगा.
(एजेंसी से इनपुट)