Who Is Shwetank: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगर किसी की तारीफ करें तो वो रातोंरात शोहरत की बुलंदियों को छू लेता है. ऐसे ही शख्स हैं श्वेतांक. पीएम ने ट्विटर के माध्यम से इनकी तारीफ की. Also Read - केंद्रीय रेल राज्‍य मंत्री सुरेश अंगड़ी का कोरोना से निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

कौन हैं श्वेतांक
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के चिरईगांव ब्लॉक के निवासी हैं श्वेतांक. सीप से मोती निकालने में माहिर हैं.
छोटे से गांव नारायणपुर के एक पोखर में सीपियों को डालकर मोती निकालने की कला के माहिर श्वेतांक के हौसले की तारीफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है। Also Read - कोरोना पर मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग, PM मोदी ने कहा- टेस्ट, कांटेक्ट ट्रेसिंग, इलाज और निगरानी पर ध्यान देने की ज़रूरत

प्रधानमंत्री ने इस युवा प्रयास की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जिसके बाद मोती की खेती करने वाले के यहां मंगलवार को योगी सरकार के मंत्री अनिल राजभर पहुंचे और उनका हौसला बढ़ाया. Also Read - PM मोदी के नाम जुड़ी एक और उपलब्धि, अब Time Magazine के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल

श्वेतांक कितने पढ़े-लिखे हैं
वाराणसी से करीब 25 किमी दूर नारायणपुर गांव के श्वेतांक पाठक ने एमए, बीएड डिग्री हासिल की है. श्वेतांक ने इंटरनेट के जरिए खेती की नई-नई तकनीक के बारे में जाना. उन्हें मोती की खेती के बारे में पता चला और वह इसी काम में जुट गए.

श्वेतांक ने बताया, “मैं सीप और मोती की खेती करीब डेढ़ साल से कर रहा हूं. यूट्यूब के सहारे मैंने इसकी शुरूआत की. पहले बहुत नुकसान भी हुआ लेकिन मैंने हार नहीं मानी. लगातार लगा रहा. एक दिन अचानक प्रधानमंत्री मोदी ने भी मेरी सोशल मीडिया के माध्यम से तारीफ की. इसके बाद मेरी काम करने की रफ्तार बढ़ गयी है.”

कैसे होता है मोती का काम
श्वेतांक ने बताया, “मोतियां तीन तरह की होती हैं. डिजानइर मोती जिसे तैयार होने में 13 माह का समय लगता है. हॉफ क्राउन मोती को बनने में 18-20 माह लगते है, यह अंगूठी में इस्तेमाल होती है. गोल मोती को बनने में करीब ढाई से तीन साल का समय लगता है. यह कच्चे गड्ढे में तैयार होती है. इसके लिए ऑक्सीजन पम्प और तिरपाल की जरूरत होती है. अभी मैंने 2000 सीप से इसकी शुरुआत की है, जिसमें 60 हजार का खर्च आया है’.

उन्होंने कहा, “बीच-बीच में इनकी मौतें भी होती है. इसलिए इसकी जांच करनी पड़ती है. इसमें जितना काम करेंगे उतना मुनाफा होगा. इसमें मृत्युदर रोकने के लिए देखभाल करनी पड़ती है. बहुत ज्यादा धूप से इन्हें बचाना होता है. पानी भी बदलना पड़ता है.”

पीएम के ट्वीट के बाद हालात
श्वेतांक ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी को हमारी खेती का मीडिया के माध्यम से पता चला तो उन्होंने हम लोगों को सराहा. इसके बाद हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है. इसे देखने के लिए काफी लोग आने लगे हैं. हमारी जिम्मेदारी बढ़ गयी है. उदय देव समिति कृषि उद्यम संस्था ने मेरा बहुत ज्यादा हौसला बढ़ाया है. हर प्रकार से मुझे यहां से सहायता मिली है. मेरे हर मुकाम तक पहुंचने में इनका बहुत बड़ा योगदान है.”
(एजेंसी से इनपुट)