नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Ex RBI governor) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) और कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor), क्या आपने इन तीनों बड़ी शख्सियतों को एक साथ किसी एक मंच पर देखा है. नहीं न! जी हां, सियासी दल और विचारधारा के स्तर पर पीएम मोदी और सांसद शशि थरूर के एक मंच पर होने की कल्पना ही बेमानी है. बचे, रघुराम राजन, तो ये ठहरे आर्थिक विशेषज्ञ. इन तीनों हस्तियों के एक साथ किसी कार्यक्रम में एक मंच शेयर करने की कल्पना तो की जा सकती है, लेकिन क्या ये भी संभव है कि इनमें आपस में ‘जंग’ छिड़े? लेकिन ऐसा होने जा रहा है. पीएम मोदी, शशि थरूर और रघुराम राजन के बीच ‘पॉपुलर’ होने की जंग चल रही है. दरअसल, इन तीनों लोगों की लिखी किताबों में सबसे ज्यादा किसकी किताब पॉपुलर है, यह एक अवार्ड से तय होगा. जी हां, रेमंड क्रॉसवर्ड बुक अवार्ड्स (Raymond Crossword Book Award) की लोकप्रिय श्रेणी में पीएम मोदी, रघुराम राजन और शशि थरूर की किताबों को सूचीबद्ध किया गया है. Also Read - Father of indian software: नहीं रहे TCS संस्थापक फकीर चंद कोहली, 96 वर्ष की आयु में निधन, 2002 में मिला था पद्मभूषण

पीएम मोदी की ‘एग्जाम वारियर्स’ से भिड़ंत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बच्चों के लिए लिखी गई किताब ‘एग्जाम वारियर्स’, कांग्रेस सांसद शशि थरूर की ‘वाई आई एम हिंदू’ और रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की ‘आई डू व्हाट आई डू’ को रेमंड रेमंड क्रॉसवर्ड बुक अवार्ड्स के 16वें संस्करण में लोकप्रिय श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है. पीएम मोदी की किताब जहां बाल पुस्तकों की श्रेणी में शामिल है, वहीं राजन की पुस्तक व्यापार और प्रबंधन श्रेणी और थरूर की किताब नॉन-फिक्शन श्रेणी में सूचीबद्ध की गई है. इन तीनों किताबों में सबसे ज्यादा किस लेखक की किताब पॉपुलर है, यह अवार्ड की घोषणा के बाद पता चलेगा. पीएम मोदी, रघुराम राजन और शशि थरूर के अलावा कई अन्य प्रसिद्ध लेखकों को भी इस पुरस्कार के लिए नामित किया गया है. इनमें बुकर पुरस्कार से सम्मानित मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय, रस्किन बांड, अमिश त्रिपाठी, देवदत्त पटनायक और रवि सुब्रमण्यम शामिल हैं. इन लोगों की पुस्तकों को भी विभिन्न श्रेणियों के लिए चयनित किया गया है. सुधामूर्ति को तीन विभिन्न श्रेणियों में नामित किया गया है. Also Read - संविधान दिवस पर पीएम मोदी ने किया 'इमरजेंसी' को याद, बोले- समय के साथ महत्व खो चुके कानूनों को हटाना जरूरी

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