उनके प्रेम की कहानी आज भी लोगों के जुबान पर है। उन दोनों को मोहब्बत का मसीहा मानतें हैं। एक ऐसी प्रेम कहानी जिसे गुजरे कई अरसा भले गया हो लेकिन हर कोई उनका नाम बड़े सम्मान से लेता है। हम बात कर रहे हैं लैला और मजनू की। आज भी उनके मजार पर सैकड़ो प्रेमी जोड़े आतें हैं। लेकिन आप जानतें हैं की लैला मजनू के मजार पर हर साल मेला लगता है। जिसे देखने देश दुनिया के लोग यहाँ पर हर साल आते हैं।

राजस्थान के के राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की अनूपगढ तहसील में बॉर्डर से सिर्फ 3 किलोमीटर पहले लैला मजनू की मजार पर मेला लगा हुआ है। यह इलाका भारत और पाकिस्तान की सीमा के करीब है। इस मेले में क्या हिंदू क्या मुसलमान बड़ी संख्या में लोग यहाँ पर आ रहें हैं। सभी अपनी दिली मुराद को मांग कर लैला मजनू के मजार पर सम्मान से चादर चढ़ाते है। लैला मजनू के इश्क को इबादत कहने वालों की दुनिया में कोई कमी नहीं है। यह भी पढ़ें: ख्वाजा के दर पर पूरी होती है हर मुराद, सभी झुकाते हैं सर

जो सच्चे दिल से प्रेम करते हैं उनके लिए लैला मजनू की यह मजार किसी पावन जगह से कम नही है। इस पुरे मजार का देख रेख सेना के जवान करतें हैं। कहतें हैं की इस मजार पर लोग अपनी मुराद मांग के धागा बांधते हैं और पूरी होने पर उसे फिर से खोल देंते हैं। लैला मजनू के मजार पर लगने वाला मेला तकरीबन 5 दिनों का होता है। इन 5 दिनों में भारत से ही नही विदेश से भी बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं और अपनी मुराद मांगते हैं।(फोटो क्रेडिट -न्यूज़ 24)