नई दिल्लीः कोरोना वायरस के चलते इन दिनों देशभर में जारी लॉकडाउन से कई छोटे-बड़े व्यवसायियों को नुकसान हुआ है. वहीं दिहाड़ी मजदूरों की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है. ऐसे में देश के कई संपन्न लोगों देश की आर्थिक मदद के लिए आगे आए हैं. इस बीच रतन टाटा के नाम से एक खबर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. जिसमें लिखा है, ‘रतन टाटा का संदेश- 2020 जीवित रहने के लिए है, लाभ हानि की चिंता ना करें.’ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज पर अब खुद रतन टाटा ने भी हैरानी जताई है. Also Read - राष्ट्रपति के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रहा था कर्मचारी, अचानक उतारे कपड़े और नहाने लगा, फिर...

दरअसल, रतन टाटा का कहना है कि यह मैसेज उनका नहीं है. इसलिए रतन टाटा ने इस मैसेज को ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘मुझे इससे डर भी डर लग रहा है, क्योंकि यह मेरे द्वारा नहीं कहा गया है. मैं हमेशा इस तरह के फर्जी समाचारों को फैलने से रोकने का प्रयास करता हूं. लेकिन, आपको भी इस तरह की खबरों को सत्यापित करने का प्रयास करना चाहिए. मेरी तस्वीर के साथ जो यह मैसेज वायरल हो रहा है. मैंने ऐसा कभी नहीं कहा. यह एक समस्या है, जिसका कई लोग सामना करते हैं.’ Also Read - Pak PM इमरान खान की नसीहत, बॉलीवुड से नहीं टर्की शो एर्तगुल से सीखिए रोमांस, लोग बोले- देश पर भी ध्यान दो

ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा रतन टाटा का यह मैसेज फर्जी साबित होता है. बता दें इस मैसेज में कहा गया था कि, साल 2020 बस जीवित रहने का साल है. लाभ या हानि के बारे में ना सोचें. यह मैसेज कोरोना वायरस महामारी के चलते देश भर में जारी लॉकडाउन और इसके चलते लोगों के ठप पड़े काम के संदर्भ में कही गई थी. जिस पर नाराजगी जाहिर करते हुए रतन टाटा ने खुद ट्वीट कर इसकी सच्चाई दुनिया को बताई है.