ITBP jawans Real Heroes: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के जवानों ने एक जख्मी महिला को स्ट्रेचर पर लिटाकर 40 किलोमीटर के सफर को 15 घंटे में तय कर महिला को अस्पताल पहुंचाया. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के एक दूर-दराज के गांव में रहने वाली इस जख्मी महिला को अस्पताल पहुंचाकर जवानों ने उनकी मदद की. Also Read - Pythons Viral Video: खेत में घुसे दो खतरनाक अजगर, ऐसे किया गया रेस्क्यू, देखें...

हैरान करने वाली बात तो यह है कि यह सफर काफी मुश्किलों से भरा था. भीषण बाढ़ के चलते यहां के नदी-नालों में उफान की स्थिति बनी हुई है, सड़कें टूटी-फूटी हैं, इन क्षेत्रों में भूस्खलन होने की संभावना भी काफी अधिक रहती है, लेकिन इन सारी बाधाओं की परवाह किए बगैर जवानों ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई. Also Read - Independence Day 2020: पैंगोंग त्सो झील के किनारे ITBP के जवानों का जश्न, देखें जोशीला VIDEO

यह महिला एक पहाड़ी से गिरकर बुरी तरह से घायल हो गई थी. महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए छह दिनों तक कोई हेलीकॉप्टर भी नहीं आया. इसके बाद आईटीबीपी 14वीं वाहनी के 25 जवानों के एक समूह ने मिलकर महिला को बचाने की पहल करते हुए इस काम को अंजाम दिया. Also Read - गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ भारतीय सैनिकों ने 17-20 घंटों तक लड़ी लड़ाई, ITBP ने बताया उस रात क्या हुआ

20 अगस्त को पहाड़ी में गिर जाने से महिला के पैर की हड्डी टूट गई थी. वह पिथौरागढ़ जिले में मुनस्यारी के सुदूर लास्पा गांव की रहने वाली हैं.

सूचना मिलने पर आईटीबीपी के जवान अपने बॉर्डर आउटपोस्ट से महिला को बचाने के लिए उसके गांव गए जिसकी हालत दिन-प्रतिदिन इलाज के बिना बिगड़ती जा रही थी. यह गांव आईटीबीपी के मिलम बेस करीब 22 किलोमीटर की दूरी पर है. उन्होंने इसकी ज्यादातर दूरी पैदल ही तय की.

गांव पहुंचने के बाद उन्होंने महिला को स्ट्रेचर पर लिटाया और इसके बाद एक-एक करके उफनते नालों, भूस्खलन वाले इलाकों और फिसलन भरे ढलानों का सामना करते हुए करीब 40 किलोमीटर तक के सफर को 15 घंटों में तय कर महिला को सड़क मार्ग तक पहुंचाया. यहां से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत पहले से बेहतर है.