कोरोना वायरस महामारी में जहां लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं वहीं पुणे में 60 वर्षीय एक रिक्शा चालक ने सात लाख रुपये से भरा बैग उसके मालिक को लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की. Also Read - लूडो के खेल में पिता की 'चीटिंग' से हारी 24 साल की बेटी पहुंची फैमिली कोर्ट, जानें पूरा मामला...

पुलिस ने बताया कि बुधवार को केशव नगर इलाके में विट्ठल मपारे के रिक्शा में बैठकर एक दंपत्ति हड़पसर बस अड्डे जा रहा था. Also Read - ड्रग्स केस में नाम आने के बाद दीपिका पादुकोण का जमकर उड़ा मजाक, यूजर्स ने पूछा- माल है क्या?

मपारे ने बताया कि उन्हें बस अड्डे पर छोड़कर जब वह आगे बढ़ गया तो उसे अपने रिक्शे पर बैग पड़ा हुआ मिला. उन्होंने बैग खोला नहीं बल्कि पास के घोड़ापाड़ी चौकी के उपनिरीक्षक विजय कदम को सौंप दिया. Also Read - देश के सभी सरकारी स्कूलों का निजीकरण करने की तैयारी कर रही सरकार, जानिए क्या है सच...

कदम ने बताया, ‘‘बैग खोलने पर, हमें 11 तोले सोने के गहने, 20000 रुपये नकद सहित कुल सात लाख रुपये की कीमत का सामान और कपड़े मिले. हमने हडपसर पुलिस से संपर्क किया. दंपति वहां पहले ही पहुंच गए थे.’’

कदम ने कहा कि हड़पसर पुलिस ने बताया कि महबूब और शनाज शेख पहले से ही एक लापता बैग की शिकायत दर्ज करा चुके थे. मुंधवा पुलिस थाने में उन्हें बैग सौंप दिया गया था और मपारे को पुलिस उपायुक्त सुहास बॉचे ने सम्मानित किया.

मपारे कई वर्षों से रिक्शा चालक हैं और किराए के मकान में रहते हैं. उनका बेटा एक निजी फर्म में काम करता है.

मपारे ने कहा कि वह पिछले दो दिनों से हो रही प्रशंसा से खुश हैं और इसे जीवन का सबसे बड़ा इनाम मानते हैं.
(एजेंसी से इनपुट)