Rahat Indori Shayari ‘bulati hai magar jane ka nahin’: कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के दौरान मशहूर शायर राहत इंदौरी (Rahat Indori) की यहां मंगलवार को एक निजी अस्पताल में मृत्यु हो गई. वह 70 वर्ष के थे. जिलाधिकारी मनीष सिंह ने बताया, “कोविड-19 से संक्रमित इंदौरी का अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सैम्स) में इलाज के दौरान निधन हो गया.” उन्होंने बताया कि इंदौरी हृदय रोग, किडनी रोग और मधुमेह सरीखी पुरानी बीमारियों से पहले से ही पीड़ित थे. Also Read - 'हमारे दोस्त को कमबख्त कोरोना खा गया, छोटा मोटा हार्ट अटैक तो राहत इंदौरी ऐसे ही झेल जाते'

राहत इंदौरी का जाना एक अपूरणीय क्षति है. उनकी कविताएं, शेर और शायरी हर उम्र के लोगों के दिलों के करीब हैं. राहत इंदौरी के प्रति युवा पीढ़ी का प्यार अद्भुत है. अब जब वे इस दुनिया में नहीं रहे हैं तो उनके शेर और शायरी हमेशा याद आएंगे. राहत इंदौरी की एक शायरी ‘बुलाती है मगर जाने का….. नहीं’ टिकटॉक से लेकर इंस्टाग्राम यूट्यूब पर खूब वायरल है. लोग इस शायरी पर तरह-तरह के वीडियो बनाकर शेयर कर चुके हैं. Also Read - राहत इंदौरी: शायरी में बगावत थी तो मोहब्बत भी, 'किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है... कहने पर बजती रहती थी तालियाँ

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बुलाती है मगर जाने का नहीं
ये दुनिया है इधर जाने का नहीं

मेरे बेटे किसी से इश्क़ कर
मगर हद से गुज़र जाने का नहीं

ज़मीं भी सर पे रखनी हो तो रखो
चले हो तो ठहर जाने का नहीं

सितारे नोच कर ले जाऊंगा
मैं खाली हाथ घर जाने का नहीं

वबा फैली हुई है हर तरफ
अभी माहौल मर जाने का नहीं

वो गर्दन नापता है नाप ले
मगर जालिम से डर जाने का नहीं

ये रहे कुछ वीडियो-

बता दें कि 70 वर्षीय शायर ने मंगलवार सुबह खुद ट्वीट कर अपने संक्रमित होने की जानकारी दी थी. इंदौरी ने अपने ट्वीट में यह भी कहा था, “दुआ कीजिये (मैं) जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूं.” सैम्स के छाती रोग विभाग के प्रमुख डॉ. रवि डोसी ने बताया, “इंदौरी के दोनों फेफड़ों में निमोनिया था और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था.” उन्होंने बताया, “सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें आईसीयू में रखा गया था और ऑक्सीजन दी जा रही थी. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद हम उनकी जान नहीं बचा सके.”

इंदौरी के बेटे और युवा शायर सतलज राहत ने अपने पिता की मौत से पहले मंगलवार सुबह बताया था, “कोविड-19 के प्रकोप के कारण मेरे पिता पिछले साढ़े चार महीनों से घर में ही थे. वह केवल अपनी नियमित स्वास्थ्य जांच के लिये घर से बाहर निकल रहे थे.” उन्होंने बताया कि इंदौरी को पिछले पांच दिन से बेचैनी महसूस हो रही थी और डॉक्टरों की सलाह पर जब उनके फेफड़ों का एक्स-रे कराया गया, तो इनमें निमोनिया की पुष्टि हुई थी. बाद में जांच में वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये थे.