आपने अब तक सिर्फ पैसे, गहने, खून और दूध रखने वाले बैंक के बारे में सुना होगा। मगर आज हम आपको महाराष्ट्र के औरंगाबाद के एक ऐसे बैंक के बारे में बताएंगे जिसके बारे में आप जानकर हैरान हो जाएंगे। दरअसल इस बैंक का नाम है रोटी बैंक और यहां गरीबों को दी जाती है दो वक़्त की रोटी। चलिए आपको बतातें है आखिर किसने यह अनोखा बैंक खोला है। यह भी पढ़ें: मर जाने के बाद बाद गांव युवक लौटा Also Read - ऑनर किलिंग: प्रेमी के घर पहुंची बहन तो भाई ने दोनों को मार डाला, चिता से जलते हुए शव बरामद

Also Read - बाल ठाकरे के स्मारक के स्थान पर अस्पताल बनना चाहिए: AIMIM सांसद

यह देश का ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का पहले ऐसा बैंक है, जो सबसे पहले उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड खोला गया था, जहां गरीबों को रोटी मिलती है। आपको बता दें की औरंगाबाद के इस रोटी बैंक में अपने घर से ज्यादा रोटी बनाकर यहां देते हैं। यह रोटी बाद में गरीबों को दे दिया जाता है। ऐसे करने से बहुत से ऐसे मजबूर गरीब लोग हैं जिनका पेट पल रहा है। वही यह रोटी छोड़ी हुए या फिर बसी नहीं होती बल्कि बिलकुल ताजी होती है। इस का नाम भले रोटी बैंक है मगर इस बैंक में रोटी के साथ खाने के लिए वेज और नॉन-वेज खाने के लिए मिलता है। Also Read - कोरोना: महाराष्ट्र के इस जिले में 10 से 18 जुलाई तक लागू होगा सख्त लॉकडाउन, जानें डिटेल

जो भी बारे में सुन रहा है उसे खुद के कानों पर यकीन नहीं हो रहा है। आपको बता दें की जैसे की लोगो को यह अनोखा बैंक लग रहा है इसे खोलने वाला शख्स भी खुद मेंअनोखा है। भारत का रोटी बैंक आपको भारत के अलावा और कही नहीं देखने मिलेगा। इसे खोलने वाले “हरून मुक्ति इस्लामिक सेंटर” के फाउंडर “युसुफ मुक्ति” का कहना है की उन्होंने बहुत साल से गरीबों को एक रोटी के लिए तड़पते हुए देखा है। यह देख कर उनका मन दुखी हो जाता था। तब एक दिन सोच विचार करने के बाद इस महान शख्स ने रोटी बैंक खोलने का फैसला किया। और आपको बता दें की इस बैंक के कारण रोज़ लगभग 270 लोगो का पेट भरता है।