लखनऊ: लॉकडाउन (Lockdown) के चलते रोजगार जाने, रहने खाने और घर जाने को लेकर हुईं मुश्किलों के बीच श्रमिक ट्रेन (Shramik Train) से घर लौट रहीं दो श्रमिक महिलाओं ने ट्रेन में बच्चों को जन्म दिया. एक को बेटी हुई और एक को बेटा. ट्रेन के कोच में किलकारी गूँज उठी और मजदूरों ने तालियां बजाकर इसका जश्न मनाया. रेलवे प्रशासन और डॉक्टर्स ने कहा कि इन महिलाओं और नवजातों के स्वस्थ होने पर ट्रेन में आगे का सफ़र करने दिया गया. Also Read - Blouse Designs 2020: लॉकडाउन के बाद प्लान कर रही हैं शादी, तो इन स्टाइलिश ब्लाउज पर डालें एक नजर

पहला मामला बिहार से चलने वाली विशेष ट्रेन जामनगर-मुजफ्फरपुर श्रमिक एक्सप्रेस (Jamnagar Muzaffarpur Shramik Express) का है. शनिवार को जैसे ही ये ट्रेन आगरा फोर्ट स्टेशन (Agra Fort Station) पर पहुंची, बिहार के छपरा के मनोहरपुर गाँव की रहने वाली गर्भवती महिला ममता यादव दर्द से कराहने लगी. सूचना पर रेलवे कर्मचारी और डॉक्टर मौके पर पहुंचे. ट्रेन के कोच को खाली कराया और डॉक्टर ने डिलीवरी कराई. ममता ने एक बच्ची को जन्म दिया. आगरा मंडल के प्रभागीय वाणिज्यिक प्रबंधक एसके श्रीवास्तव ने कहा, “जिस कोच में महिला यात्रा कर रही थी, उसे खाली कर दिया गया और डॉक्टरों की एक टीम ने डिलीवरी में मदद की. बच्ची और महिला दोनों स्वस्थ और सुरक्षित थीं. लिहाजा उन्हें ट्रेन से ही आगे की यात्रा करने दी गई.” Also Read - लॉकडाउन को फेल बताने पर राहुल गांधी पर बीजेपी का पलटवार: झूठ नहीं फैलाएं, दुनिया के आंकड़े देखें

सुभद्रा ने जन्मा बेटा
अंबेडकर नगर जिले की ओर जाने वाली एक अन्य श्रमिक ट्रेन में सुभद्रा नाम की एक 30 वर्षीय प्रवासी मजदूर महिला ने भी एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. सुभद्रा और उनके पति दुर्गेश अंबेडकर नगर में अपने घर लौटने के लिए जालंधर में ट्रेन में सवार हुए थे. मुरादाबाद मंडल के उत्तर रेलवे की वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक (एसडीसीएम) रेखा शर्मा ने कहा कि श्रमिक सुरक्षा ट्रेन में तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने उन्हें सूचित किया था कि ट्रेन मुरादाबाद पहुंचने से पहले ही सुभद्रा को प्रसव पीड़ा शुरू हो चुकी थी. Also Read - लॉकडॉउन में नोएडा में गेस्‍ट हाउस में बेफ्र‍िक्री से चल रहा था सेक्‍स रैकेट, ग्राहकों के साथ लड़कियां पकड़ी गईं

रेखा शर्मा ने कहा, “डॉ. पीयूष राणा के नेतृत्व में हमारी मेडिकल टीम पूरी तरह से कार्य के लिए तैयार थी. टीम ने सुझाव दिया कि वे डिलीवरी के बाद रेलवे अस्पताल में यहां रहें लेकिन युगल घर पहुंचना चाहते थे. चूंकि डॉक्टर मां और नवजात शिशु के स्वास्थ्य से संतुष्ट थे. लिहाजा उन्होंने उन्हें अपनी यात्रा जारी रखने की अनुमति दे दी.”

केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विशेष श्रमिक ट्रेनों के माध्यम से हजारों प्रवासी श्रमिक उत्तर प्रदेश और बिहार में अपने घरों को लौट रहे हैं. इनमें से अधिकांश श्रमिक लॉकडाउन के बाद बेरोजगार हो गए हैं और अपने घरों को लौट रहे हैं.