लंदन। एक ब्रिटिश सिख महिला को देश की एक अदालत ने दो साल की निलंबित सजा सुनायी है. महिला पर आरोप था कि उसने अपने पूर्व हिंदू प्रेमी और उसके परिवार को परेशान करने के लिए न केवल नस्लीय टिप्पणियां कीं बल्कि एक पैकेट में गौमांस पैक करके उनके दरवाजे पर भी छोड़ा जिससे पीड़ित परिवार की भावनाएं आहत हुईं. सुनवाई में महिला के खिलाफ लगाए गए आरोप सही साबित हुए.

महिला ने नस्लीय उत्पीड़न किया 

दक्षिण पश्चिमी इंग्लैंड की स्विनडान क्राउन की अदालत ने मंगलवार को अमनदीप मुधार को नस्लीय तौर पर उत्पीड़न के लिए दोषी पाया और दो साल की सजा दी. सजा की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश राबर्ट पावसोन ने कहा कि धार्मिक पृष्ठभूमि के आधार पर लोग आमतौर पर अपने जैसे ही लोगों को तलाश करते हैं, चाहे यह भगवान में आस्था की बात हो या मानवीय व्यवहार हो. लेकिन आपके मामले में ऐसी बात नजर नहीं आयी, आपका व्यवहार भड़काने और डराने वाला था.

सोशल मीडिया, फोन पर दी धमकी

अदालत को बताया गया कि मुधार ने अपने पूर्व ब्वायफ्रेंड के परिवार पर लगातार हमला किया, अपशब्द कहे, फोन करके धमकी दी और सोशल मीडिया पर हमला किया. अदालत ने बताया कि 26 वर्षीय महिला का उसके दोस्त के साथ 2012 में कुछ हफ्तों तक संबंध रहा जिस दौरान दोनों के बीच बहुत अधिक करीबी नहीं रही.

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स्थानीय दैनिक ‘स्विनडान एडवरटाइजर’ में छपी खबर के अनुसार मगर सांस्कृतिक विभिन्नता के चलते यह अफेयर खत्म हो गया. इसके बाद मुधार और उसके परिवार ने पीड़ित युवक की बहनों और मां के बलात्कार और उनके कारों और घर जलाने की धमकी दी.

मुधार ने अपने एक दोस्त 30 वर्षीय संदीप डोगरा की मदद से उसके परिवार पर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सीधे हमले किए. इसके अलावा बलात्कार और जान से मारने की धमकी दी. अभियोजन ने बताया कि एक घटना में परिवार के घर के दरवाजे पर बीफ का पार्सल रख दिया जिससे हिन्दु होने के कारण वे लोग बेहद परेशान हो गये.