कोरोना का सकंट पूरी दुनिया में किसी कहर की तरह टूटा है. आज पूरी दुनिया इससे उबरने की कोशिश कर रही है, क्या महाशक्ति और क्या छोटे देश सबको इसने अपनी चपेट में ले लिया. कोरोना की वजह से पिछले कुछ महीने ऐसे थे जब मानों पूरी दुनिया थम सी गई थी औऱ हर कोई अपने घरों में कैद था. लेकिन धीरे ही सही एक बार फिर से लोग अपनी पुरानी जिंदगी में वापस आ रहे हैं. हाालंकि कोरोना का ड़र और ये बीमारी अभी भी बनी हुई है और लोग इससे परेशान हैं और जूझ रहे हैं. लेकिन मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन रख कर वो अपनी जिंदगी के काम पर वापस लौट रहे हैं. Also Read - Chhattisgarh Corona Update: छत्तीसगढ़ में नहीं सुधर रहे हालात, 24 घंटे में कोरोना के 2958 नए मामले, 16 की मौत

कोरोना के इस संकट का अभी तक कोई हल नहीं निकला है, ऐसे में हर शहर और देश इन दिनों सोशल डिस्टेंसिंग की मदद से आगे बढ़ रहा है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की इटली में बसा एक छोटा सा शहर है जहां पर केवल दो लोग रहते हैं और वाबजूद इसके उन्होंने इस बीमारी को बेहद गंभीरता से लिया है और उन्होंने इस दौरान वहां के सरकार द्वारा जारी की गई हर खास नियमों का पालन किया है. Also Read - IPL 2020 : दिल्ली कैपिटल्स के कोच रिकी पोंटिंग दुबई में हुए क्वारंटीन, फैमिली के साथ नहीं होने पर कही ये बात

इटली का छोटा सा शहर हेमलेट में केवल जो बुर्जुग रहते हैं जिनका नाम हैजियोवनी कैरिली जो 82 साल के हैं औऱ दूसरे जियाम्पियरो नोबिली जो 74 साल के हैं. ये दोनों केवल इस शहर में रहते हैं. लेकिन दो लोग होने के बावजूद इनमें कोरोना का ड़र इतना है कि उन्होंने इस दौरान हर उन नियमों का पालन किया है जो एक घनी आबादी वाले राज्या या फिर शहर कर रहे हैं. Also Read - Coronavirus In India Update: एक दिन में 445 लोगों की हुई मौत, 4.25 लाख के पार संक्रमितों की संख्या

एक रिर्पोट के मुताबिक इस शहर में केवल यही दोनों और यहां पर कोई नहीं है इस दौरान लेकिन दोनो सेवानिवृत्त बुजुर्ग अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए कोरोना के नियमों का पालन कर रहे हैं. इन हालातों में भी ये दोनों यही पर बने रहें और शहर छोड़कर भी नहीं गया. बता दें कि ये शहर पेरुजा प्रांत के उम्ब्रिया में स्थित है.

हालांकि इटली का शहर यहां आने वाले यात्रियों के बीच बेहद शहूर है क्योंकि ये करीब 900 मीटर ऊंचाई पर स्थिती है जहां पर जाना औऱ वहां से वापस बेहद कठिन है. लेकिन लोग इसे देखने को इसका लुफ्त लेने जाते रहते हैं. फिलाहल यहां पर कोई नहीं आ रही है लेकिन वहां रहने वाले दोनों शख्स ने खुद की सेहत को ध्यान रखते हुए हमेशा मास्क और सोशल डिस्टेंशिंग का सहारा लेते हैं ताकि उन दोनों को वायरस का कोई खतरा ना हो.

दोनों की मानें तो वो ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वो चाहते हैं कि वो लंबी उम्र तक जिंदा रहें औऱ अपनी जान जानकर जोखइम में क्यों ड़ालना साथ ही उन दोनों की उम्र हो चली है अगर उन्हें कुछ हो जाता है तो उनकी देखरेख के लिए आसपास कोई नहीं है. ऐसे में वो नियमों का पालन करके खुद को सुरक्षित कर रहे हैं ताकि वो स्वस्थ रह करें.