नई दिल्ली। थाईलैंड के मे साई में 17 दिन तक फंसे रहे 12 जूनियर फुटबॉल खिलाड़ियों ने आज मीडिया के सामने अपने करतब दिखाए. ये सभी बच्चे मीडिया के सामने आए और फुटबॉल के साथ अपनी कलाकारी दिखाई. वाइल्ड बोअर्स सॉकर टीम के ये सभी 12 खिलाड़ी स्वस्थ और खुश नजर आ रहे थे. अपने करतबों से इन्होंने यहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया. बता दें कि 10 जुलाई तक सभी 12 बच्चों और उनके कोच को गुफा से बाहर निकाल लिया गया था. इसके लिए बचाव दल को भारी जद्दोजहद करनी पड़ी. इन्हें टुकड़ों-टुकड़ों में बाहर निकाला गया. आखिरी बचे 5 लोगों को 10 जुलाई को निकाला गया था.

थाईलैंड में पानी से भरी गुफा से जोखिमपूर्ण अभियान चलाकर बचाए गए 12 बच्चों और उनके फुटबॉल कोच ने पहली बार संवाददाता सम्मेलन में अपने असाधारण अनुभवों को साझा किया. संवाददाता सम्मेलन में जब ‘वाइल्ड बोर्स’ के सदस्य उत्तरी थाईलैंड की थाम लुआंग गुफा में अंधेरे में बिताए अपने नौ दिनों के बारे में सवालों के जवाब दे रहे थे तब वे स्वस्थ और खुश नजर आ रहे थे. अंतरराष्ट्रीय बचाव दल ने उन्हें खोजा था. यहां अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद लोगों ने इन किशोरों का स्वागत किया. इन किशोरों ने संवाददाता सम्मेलन में जाने से पहले एक अस्थायी मैदान में फुटबॉल भी खेला.

वाइल्ड बोर्स के फुटबॉलर अब्दुल सैम ओन (14) ने बचाव के बारे में कहा कि यह एक चमत्कार है. बच्चों से उनके भयावह अनुभव के बारे में बड़े प्यार से सवाल किए गए. जब टीम गुफा में अंदर फंस गई तब उसके पास खाने को कुछ नहीं था. गुफा के अंदर दीवारों से रिस रहे पानी को पीकर जिंदा रहे. लेकिन डॉक्टरों ने कहा है कि अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ के बाद सभी 13 लोग सेहतमंद हैं.

सावधानी बरतने की अपील की थी 

यह ब्रीफिंग बहुत ही नियंत्रित थी क्योंकि विशेषज्ञों ने संभावित दीर्घकालिक तनाव की चेतावनी दे रखी थी. सियांग राय के जन संपर्क विभाग ने मीडिया संगठनों से पहले ही सवाल मंगा लिए थे और उन्हें मनोचिकित्सकों के भेज दिया था. थाईलैंड के जुंटा नेता प्रयुत चान ओ चा ने आज मीडिया से इन बच्चों से सवाल पूछने के दौरान सावधानी बरतने की अपील कर रखी थी और उनसे ऐसे सवालों से बचने को कहा था कि जिनसे बच्चों को नुकसान पहुंचे.

इन बच्चों की कहानी जानने में लोगों की तीव्र इच्छा है. कुछ फिल्म प्रोडक्शन हाउसों की इस घटना पर हॉलीवुड फिल्म बनाने को लेकर नजर है. डॉक्टरों ने 11-16 साल के इन बच्चों के परिवारों को सलाह दी है कि वे उन्हें कम से कम एक महीने तक पत्रकारों के संपर्क में नहीं आने दें.

17 दिनों की जद्दोजहद के बाद आखिरकार गुफा से निकाले गए सभी 12 बच्चे और कोच

इन 13 लोगों को बचाने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ी थी. दुनिया भर से विशेषज्ञ यहां पहुंचे और अपनी तरफ से भरपूर मदद की. बचाव अभियान के दौरान कभी कभी ऐसा लगा कि अब इनका बचना मुमकिन नहीं क्योंकि गुफा के चारों तरफ पानी भरा था और उन तक पहुंचना नामुमकिन सा हो रहा था.

जबरदस्त बचाव अभियान चला

आखिरी तीन दिन में बचाव दल ने जबरदस्त अभियान चलाते हुए इस नामुमकिन से दिख रहे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दे दिया. रविवार 8 जुलाई को पहले चरण में गुफा से चार बच्चों को निकाला गया था. अगले दिन बचाव दल ने चार और बच्चों को बाहर निकाला. बचाव दल ने आज बाकी 4 बच्चों और उनके कोच को बाहर निकाल लिया. इसी के साथ पिछले 17 दिन से चली आ रही ऊहापोह की स्थिति भी खत्म हो गई.

दुनियाभर से जुटे विशेषज्ञ

सभी 13 लोगों के बाहर आने के बाद पूरे देश ने राहत की सांस ली है. इन बच्चों के लिए दुनिया भर में दुआओं का दौर चल रहा था और कई देशों ने अपनी तरफ से पूरी मदद भी की थी. करीब 1000 बचावकर्मियों ने इस पूरे ऑपरेशन में हिस्सा लिया था. 30 से अधिक अमेरिकी सैन्य कर्मी भी यहां पहुंचे थे. इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई, चीन और जापानी विशेषज्ञ भी इस प्रयास में शामिल हुए.