माइक्रोसॉफ्ट जापान ने अपनी कंपनी पॉलिसी के तहत कुछ ऐसे बदलाव किए है जिसे खूब सराहा जा रहा है. कंपनी के कर्मचारियों पर इस नए बदलाव से खासा असर पड़ा है. एक सुखद एहसास के साथ यहां काम करने वाले लोगों ने इस निर्णय का समर्थन किया. तो बात ये है कि माइक्रोसॉफ्ट जापान ने अपने कर्मचारियों को इस गर्मी, हफ्ते में तीन छुट्टियां देने का फैसला किया. महज चार दिन काम और तीन दिन के वीक-ऑफ की पॉलिसी के बारे में कंपनी का कहना है कि इस संरचना से कंपनी को 40 प्रतिशत की उत्पादकता वृद्धि हुई है.

माइक्रोसॉफ्ट जापान का कहना है कि इस फॉर्मेट से बिजली के साथ-साथ कई क्षेत्रों में कंपनी का बचत होता है. प्रिंटिंग कॉस्ट से लेकर ट्रैवेलिंग कॉस्ट तक के विभाग में कंपनी पैसे बचाने में कामयाब होती है. जुलाई में योजना की घोषणा करने वाले एक ब्लॉग पोस्ट में, माइक्रोसॉफ्ट जापान ने कहा कि अक्सर मीटिंग्स के एक घंटे चलने के पीछे कई चीजें थमी रह जाती है. इसलिए कंपनी ने इस अवधि को घटा कर आधा घंटा कर दिया. समय प्रबंधन में एक बदलाव की आवश्यकता का हवाला देते हुए, माइक्रोसॉफ्ट डिवीजन ने लोगों से “बेकार” ईमेल और मीटिंग्स के बजाय सहयोगी चैट चैनलों का उपयोग करने का आग्रह किया.

माइक्रोसॉफ्ट जापान के इस निर्णय ने दुनियाभर की कम्पनियों का ध्यान अपनी ओर खिंच लिया. हालंकि, पहली बार ये खबर तब वायरल हुई जब न्यूजीलैंड की एक ट्रस्ट मैनेजमेंट कंपनी ने सप्ताह में तीन दिन छुट्टी देने का फैसला किया और फिर कंपनी के एक बयान में ये कहा गया कि इससे कर्मचारी उत्पादकता में 20 प्रतिशत और कर्मचारी कार्य संतुलन में 45 प्रतिशत वृद्धि देखने को मिली. माइक्रोसॉफ्ट जापान इस नियम को कब तक जारी रखेगा, इस बारे में अब तक कंपनी का कोई बयान नहीं आया है.