नई दिल्ली: कोरोना वॉरियर्स (Corona Warriors) सब कुछ भूल कर ड्यूटी करने में जुटे हुए हैं. घर-परिवार से दूर, अपनी फिक्र किए बिना लोगों को कोरोना वायरस (Corona Virus) जैसी मुश्किल से लड़ने को प्रेरित कर रहे हैं. जैसा मिला खा लिया, जहां जगह मिली वहीं सो गए. सोशल मीडिया (Social Media) पर एक ऐसी ही तस्वीर वायरल हो रही है. इस तस्वीर में दो पुलिसकर्मी ज़मीन पर ही सोते दिख रहे हैं. ये तस्वीर सोशल मीडिया पर जैसे ही वायरल हुई लोग इन दोनों पुलिस कर्मियों की तारीफ़ करने लगे. लोग शुक्रिया अदा करते हुए कह रहे हैं कि आप असली योद्धा हैं. Also Read - Covid-19 in West Bengal: कोरोना ने 6 और लोगों की ली जान, मरने वालों की संख्या 217 हुई, 4 हजार से ज्यादा संक्रमित

इस तस्वीर को ट्विटर पर अरुणाचल प्रदेश के डीजीपी मधुर वर्मा (IPS Madhur Verma) ने ट्वीट किया. इसके बाद ये फोटो वायरल हो रही है. आईपीएस अधिकारी मधुर वर्मा ने इस फोटो के साथ लिखा है कि महामारी के दौरान मुश्किल हालात में ये कोरोना वॉरियर्स काम कर रहे हैं. लोग इन कोरोना वॉरियर्स के जज़्बे को सलाम कर रहे हैं. दोनों को शुक्रिया कह रहे हैं. लोग कह रहे हैं कि आप जिस तरह से काम करने के दौरान आराम करने की कोशिश कर रहे हैं, वो आरामदायक तो बिलकुल नहीं है. ये समर्पण याद रखने लायक है. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने कहा- तबलीगी जमात पर फर्जी खबरों के आरोप वाली याचिकाओं में NBA भी बने पक्षकार

देश में डॉक्टर्स, पुलिस, बैंककर्मी, मीडियाकर्मी पूरे तन-मन से अपने काम में जुटे हुए हैं. डॉक्टर और पुलिस विभाग के कई लोग ड्यूटी के दौरान कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, जबकि कई की मौत भी हो चुकी है. कई बड़े अफसरों ने भी अपनी जान गंवाई है. कई डॉक्टर और मीडिया कर्मी भी चपेट में आ चुके हैं, इसके बाद भी ये सब अपने काम में जुटकर लोगों की हिफ़ाज़त कर रहे हैं.

केंद्र सरकार ने आज से लॉकडाउन (Lockdown) से कुछ राहत देते हुए दुकानें खोलने की इजाजत दी है. वहीं, कोरोना संकट अभी दूर नहीं हुआ है. शुक्रवार को जितने मामले बढ़े, उतने एक दिन में अब तक सामने नहीं आए थे. शुक्रवार को 1,750 से अधिक मामले सामने आए. शुक्रवार को सबसे ज़्यादा 57 लोगों की मौत हुई है. महाराष्ट्र, गुजरात एवं राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों में संक्रमण के मामले ज्यादा हो गये हैं. इसके साथ ही देश में संक्रमितों की संख्या 24506 हो गई है. अब तक 775 लोगों की मौत हुई है. वहीं, 5063 लोग ठीक भी हुए हैं. वहीं, सरकार ने कहा कि महामारी का प्रकोप नियंत्रण में है और यदि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू न किया जाता तो संक्रमण के मामलों की संख्या अब तक एक लाख तक पहुंच चुकी होती. सरकारी अधिकारियों ने महामारी के ‘नियंत्रण में होने’ का श्रेय लॉकडाउन और मजबूत निगरानी नेटवर्क तथा विभिन्न नियंत्रण कदमों को दिया