Night Club: नाइट क्लब में लोग मौज-मस्ती करने जाते हैं. जमकर नाचते हैं और इंज्वॉय करते हैं. रैप और हिंदी-इंग्लिश के गानों पर मस्ती होती है. पर एक ऐसा नाइट क्लब भी है जहां लोग संस्कृत गीतों पर थिरकते हैं. Also Read - दिल्ली में 31 मार्च तक जिम, नाइट क्लब रहेंगे बंद, 50 से अधिक लोगों वाले कार्यक्रमों पर भी लगा प्रतिबंध

सुनकर हैरानी हुई होगी, पर ये सच है. ऐसा नाइट क्लब अर्जंटीना में है. नाम है ग्रोव. Also Read - 15 देशों के राजनयिक कश्मीर के मौजूदा हालात जानने के लिए श्रीनगर पहुंचे

ग्रोव नाइट क्लब को सोशल मीडिया पर भी लोग काफी पसंद करते हैं. वजह है यहां की यूनिकनेस. Also Read - फीफा ने मेसी को विश्व का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का अवार्ड देने में गलती की बात नकारी

ग्रोव में ज्यादातर भक्ति गीतों पर लोग झूमते हैं. विदेश में संस्कृत के प्रति ऐसा लगाव अपने आप में काफी अनोखा है.

इस क्लब के मालिक हैं ब्यूनस-आयर्स. उनका ही ये आइडिया था. उन्होंने ऐसा नाइट क्लब बनाया जहां संस्कृत गीतों पर एक साथ करीब 800 लोग थिरक सकें.

ये क्लब चर्चा में तब आया था जब भारतीय राजनयिक रहे विश्वनाथन साल 2012 में अर्जेंटीना गए थे. उन्होंने इस क्लब के बारे में सुना और वहां गए. फिर उन्होंने इसके बारे में लोगों को बताया.

ग्रोव नाइट क्लब इसलिए भी खास है क्योंकि यहां दूसरे नाइट क्लब्स की तरह शराब नहीं मिलती, न ही यहां स्मोकिंग की जा सकती है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां के फूड मेन्यू में सॉफ्ट ड्रिंक्स, जूस और वेजिटेरियन क्यूजीन शामिल है.