बरेली: उत्तर प्रदेश में एक अजीबो-गरीब वाकया सामने आया. 19 अप्रैल को शादी होना तय थी. दुल्हन और उसके परिजन ने वीडियो कॉल कर निकाह करने को कहा. दूल्हे ने लॉकडाउन के हटने का हवाला दिया, इसके बाद दोनों पक्षों में हुई तनातनी हुई और पुलिस भी मुश्किल में पड़ गई. भावी दूल्हे के वीडियो कॉल पर शादी करने से इनकार कर देने पर युवती का परिवार उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंच गया. इस पर पुलिस ने कहा कि उसे जानकारी ही नहीं कि इसमें क्या कार्रवाई की जाए. Also Read - योगी आदित्यनाथ बोले- अनलॉक 1.0 का मतलब आजादी नहीं है, सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक लोग एकत्र ना हों

यह घटना यूपी के बरेली के कुलाड़िया इलाके के करुआ साहबगंज गांव की है. शमशुल हसन ने अपनी बेटी फरजाना की शादी इरशाद हुसैन के साथ तय की थी. इरशाद पंजाब में फंस गया और 19 अप्रैल को शादी के लिए बरेली नहीं लौट सका. लड़की के परिवार ने उससे वीडियो कॉल के जरिए निकाह कबूल करने का अनुरोध किया, लेकिन उसने मना कर दिया. परिवार ने पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया कि उन्हें कानून में प्रासंगिक प्रावधानों की जानकारी नहीं है. Also Read - उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस, जानिए क्या है मामला

बरेली के एडिशनल एसपी (क्राइम) ने कहा, “शुरू में, दुल्हन के पिता ने आरोप लगाया कि दूल्हा शादी करने इसलिए नहीं आया, क्योंकि वह उसकी दहेज की मांग को पूरा नहीं कर सके थे, लेकिन जांच के दौरान, यह पाया गया कि वह पंजाब में फंसा हुआ है.” दूल्हे के माता-पिता द्वारा दुल्हन के परिवार को मुआवजा देने के बाद दोनों परिवार समझौता करने के लिए राजी हो गए. Also Read - बड़ा खुलासा: देश में एक ही IMEI नंबर के 13 हजार से अधिक मोबाइल फोन सक्रिय