नई दिल्ली: कई देश कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लागू कर रहे हैं. इस भयानक बीमारी से वैश्विक स्तर पर पहले ही 3 लाख से अधिक लोग संक्रमित है. सोशल मीडिया पर कई देश के सरकारों द्वारा इस खतरे से लड़ने के लिए किए गए उपायों का उल्लेख भी मौजूद है. Also Read - कोरोना से अब तक 111 लोगों की मौत, भारत में 4281 हुई संक्रमितों की संख्या; राज्यों ने दिए लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत

लेकिन इन सब के बीच, एक पोस्ट यह दावा करते हुए वायरल हो रहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश की सड़कों पर 800 बाघों और शेरों को लाकर छोड़ दिया है जिससे लोग घर के अंदर रहने पर मजबूर हो सकें. फेसबुक पेज “ह्यूमर टीवी” ने खाली सड़क पर एक शेर की तस्वीर पोस्ट की और लिखा, “व्लादिमीर पुतिन ने देश भर में 800 बाघों और शेरों को सड़क पर छोड़ दिया है ताकि लोगों को घर में रहने के लिए मजबूर किया जा सके”. Also Read - कोरोना वायरस से हुई मां की मौत तो बेटे ने शव लेने से किया इनकार, जिला प्रशासन को करना पड़ा अंतिम संस्कार

सोमवार सुबह तक इस पोस्ट को 18,000 से अधिक बार शेयर किया जा चूका था. यह पोस्ट ट्विटर पर भी वायरल हो रही है. लेकिन मज़े की बात तो ये है कि यह खबर ही झूठी है. आपको बता दें कि इस फेक न्यूज़ को खूब सर्कुलेट किया जा रहा है. सच तो ये है कि यह तस्वीर साल 2016 से दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग की है. 15 अप्रैल, 2016 को प्रकाशित “डेली मेल” द्वारा एक रिपोर्ट के अनुसारकोलंबस नामक शेर को जोहान्सबर्ग में एक प्रोडक्शन क्रू द्वारा फिल्माने के लिए लाया गया था. Also Read - कांग्रेस ने सांसदों के वेतन में कटौती का स्वागत किया, सांसद निधि बहाल करने की मांग

हालांकि, “न्यूयॉर्क पोस्ट” की एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि फिल्मांकन को मंजूरी नहीं दी गई थी. इस रिपोर्ट में जोहान्सबर्ग रोड्स एजेंसी के हवाले से लिखा गया है की, “फिल्मांकन को मंजूरी नहीं दी गई थी.

इसी तरह के दावे के साथ व्हाट्सएप पर भी यही तस्वीर वायरल हो रही है. इसलिए, यह स्पष्ट है कि सड़कों पर घूमते हुए शेर की तस्वीर का रूस या पुतिन से कोई लेना-देना नहीं है. यह तस्वीर 2016 में साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग की एक फिल्म की शूटिंग के दौरान की है.