Supreme Court: कोर्ट की सुनवाई में वकील सफेद शर्ट, काला कोट पहने नजर आते हैं. कोर्ट में जाने पर तय शिष्टाचार का पालन करना अनिवार्य है. पर कोरोना काल में इस समय ऐसी अजीबोगरीब घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसे आप-हम सोच भी नहीं सकते. Also Read - तमिलनाडु सरकार मेडिकल प्रवेश में ओबीसी आरक्षण पर जल्द फैसले को लेकर पहुंची सुप्रीम कोर्ट  

कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई हो रही है. अब सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा है कि वर्चुअल (वीडियो कांफ्रेंस) सुनवाई के दौरान न्यूनतम न्यायालय शिष्टाचार बनाए रखे जाने चाहिए. अदालत ने यह टिप्पणी इसलिए की, क्योंकि एक वकील सुनवाई के दौरान टी-शर्ट पहने हुए बिस्तर पर लेटे दिखाई दिए. Also Read - ICAI CA Exam: आईसीएआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- सीए परीक्षा के आयोजन की व्यवहार्यता पर करेंगे विचार, जानें कब से होगा एग्जाम

न्यायमूर्ति एस. रविंद्र भट ने कहा कि वीडियो कांफ्रेंस के जरिए मुकदमों की सुनवाई में शामिल हो रहे वकील कम से कम पेशी के अनुरूप दिखने चाहिए. उन्होंने कहा कि अदालत को ऐसी तस्वीरें दिखाने से बचना चाहिए, जो किसी भी लिहाज से उपयुक्त नही हैं. Also Read - ICAI CA July Exam: सुप्रीम कोर्ट से CA छात्रों को बड़ी राहत, परीक्षा में शामिल न होने पर माना जाएगा Opt Out Case

अदालत ने कहा कि ऐसी तस्वीरें उनके घरों की निजता के दायरे में ही सहन की जा सकती हैं, मगर सुनवाई के दौरान अदालत के आदशों और शिष्टाचार का अनुपालन किया जाना चाहिए.

न्यायाधीश ने नाखुशी व्यक्त करते हुए कहा कि एक वकील को सुनवाई की सार्वजनिक प्रकृति को देखते हुए सही ढंग से कपड़े पहनने चाहिए.

बता दें कि शीर्ष अदालत कोविड-19 महामारी के कारण वीडियो लिंक के माध्यम से सुनवाई कर रही है.

वकील के टी-शर्ट पहनकर सुनवाई में शामिल होने की यह घटना रेवाड़ी (हरियाणा) की एक पारिवारिक अदालत में लंबित मामले को बिहार के जहानाबाद की अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान घटी.

हालांकि वकील ने अपने इस व्यवहार के लिए अदालत से मांफी मांगी, जिसके बाद न्यायमूर्ति एस. रविंद्र भट ने उनकी गुजारिश स्वीकार करते हुए उन्हें माफ कर दिया.
(एजेंसी से इनपुट)