नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला शनिवार (5 जनवरी) से शुरू हो चुका है. ऐसे में मेले को लेकर पुस्तक प्रेमियों और प्रकाशकों में जबर्दस्त उत्साह नजर आ रहा है. पुस्तक मेले में अतिथि प्रतिभागी शारजाह द्वारा ‘गेस्ट ऑफ ऑनर स्टैंड’ में कई बौद्धिक और सांस्कृतिक गतिविधियां पुस्तक प्रेमियों को अपनी तरफ आकर्षित करेंगी. संयुक्त अरब अमीरात के तीसरे सबसे बड़े अमीरात के रूप में प्रसिद्ध शारजाह पुस्तक मेले में समृद्ध अरबी सांस्कृतिक और साहित्यिक विशेषताओं का प्रदर्शन करेगा.

शारजाह के अमीरात एक समृद्ध साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन करेंगे, जिसके तहत शारजाह का एक प्रतिनिधिमंडल 6 से 9 जनवरी तक पुस्तक मेले के आगंतुकों के समक्ष अपनी विभिन्न सांस्कृतिक और साहित्यिक संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करेगा. इस क्रम में शारजाह की उन साहित्यिक पहलों पर बौद्धिक चर्चा शामिल है जिसमें संयुक्त अरब अमीरात के प्रकाशन क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव डाला है और स्थानीय समुदायों को पुस्तकों की तरफ आकर्षित किया है और पढ़ने में रूचि जगाई है.

इस कार्यक्रम में साहित्य संगोष्ठी, कविता पाठ, भारतीय सिनेमा पर संयुक्त अरब अमीरात के प्रभाव पर चर्चा और दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों जैसे अमीराती यात्रा साहित्य, अनुवाद को प्रदर्शित किया जाएगा और दोनों देशों में प्रकाशकों के समक्ष खड़ी चुनौतियों को सभी के सामने लाया जाएगा. अमीरात ने हिंदी पाठकों को अमीरात की समृद्ध साहित्यिक विरासत से परिचित कराने के लिए 57 अरबी भाषा की रचनाओं का अनुवाद भी किया है.

संयुक्त अरब अमीरात के सुप्रीम काउंसिल के सदस्य और शारजाह के शासक शेख डॉ. सुल्तान बिन मुहम्मद अल कासिमी के नेतृत्व में अमीरात को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा हाल ही में 2019 के लिए प्रतिष्ठित ‘वल्र्ड बुक कैपिटल’ का खिताब भी दिया गया है.

शारजाह बुक अथॉरिटी के चेयरमैन अहमद बिन रक्कड़ अल अमेरी ने कहा, “शारजाह दुनिया भर में अरब और अमीराती संस्कृति को फैलाने के मिशन पर है. पुस्तक मेले हमें ऐसा करने के लिए एक बेजोड़ अवसर प्रदान करते हैं. एनडीडब्ल्यूबीएफ 2019 में हम शारजाह की विश्व स्तरीय सेवाओं और दुनिया भर के प्रकाशकों के लिए विविध प्रस्तावों को प्रदर्शित करेंगे.”

(एजेंसी इनपुट)