World Environment Day 2020: दुनिया में हर ओर विश्व पर्यावरण दिवस की चर्चा है. लोग ये बात कर रहे हैं कि किस तरह से पर्यावरण की रक्षा की जाए. भविष्य की क्या योजनाएं हों, जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहे. Also Read - UGC Guidelines: ममता बनर्जी ने कहा- फाइनल परीक्षा पर यूजीसी के दिशानिर्देशों का छात्र हितों पर होगा विपरीत असर 

इस विषय पर हमारे प्रधानमंत्री पीएम मोदी बाकी लोगों से कहीं आगे हैं. जहां दुनिया हर साल पर्यावरण पर बात करने के लिए 5 मई का इंतजार करती है तो वहीं पीएम मोदी ने पहले ही लोगों से मन की बात कह दी है. Also Read - केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं करें रद्द 

पिछले रविवार को मन की बात में पीएम मोदी ने कहा, Also Read - पीएम मोदी ने देश को समर्पित किया एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्रोजेक्‍ट

‘मेरे प्यारे देशवासियों, 5 जून को पूरी दुनिया ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मनाएगी. इस साल की थीम है – बायो डायवर्सिटी यानी जैव-विविधिता. वर्तमान परिस्थितियों में यह थीम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.

लॉकडाउन में जीवन की रफ्तार धीमी हुई है. लेकिन इससे हमें अपने आसपास, प्रकृति की समृद्ध जैव-विविधता को देखने का अवसर भी मिला है. सालों बाद पक्षी की आवाज को लोग अपने घरों में सुन रहे हैं.

नदियां सदा स्वच्छ रहें, पशु-पक्षियों को भी खुलकर जीने का हक मिले, आसमान भी साफ-सुथरा हो, इसके लिए हम प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीवन जीने की प्रेरणा ले सकते हैं’.

इस मौके पर पीएम मोदी ने लोगों से पानी बचाने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि अगर जल है तो ही जीवन है.

मोदी ने कहा,

‘जल है तो जीवन है – जल है तो कल है, लेकिन, जल के साथ हमारी जिम्मेदारी भी है. हमें बारिश की एक एक बूंद भी बचानी होगी’.

इस मौके पर स्वच्छ पर्यावरण की जरूरत पर जोर देते हुए वो बोले,

‘स्वच्छ पर्यावरण हमारे जीवन, बच्चों के भविष्य का विषय है. इसलिए, हमें व्यक्तिगत स्तर पर भी इसकी चिंता करनी होगी’.

बता दें कि हर साल पीएम मोदी लोगों से पर्यावरण संरक्षण की गुहार करते हैं. पिछले साल भी उन्होंने ये संदेश दिया था,

विश्व पर्यावरण दिवस
हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा सन 1972 में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया. इसमें 119 देशों ने भाग लिया था.