Bhagwant Mann Marriage Today: भगवंत मान-गुरप्रीत की शादी में आज क्या-क्या होंगी रस्में, जानिए पूरा कार्यक्रम

आज पंजाब के सीएम भगवंत मान डॉक्टर गुरप्रीत कौर के साथ शादी रचाएंगे. भगवंत मान और गुरप्रीत अपनी शादी में सात नहीं, लेंगे इतने फेरे... जानिए आज उनकी शादी में क्या-क्या रस्में निभाई जाएंगी, bhagwant mann marriage today

Published date india.com Updated: July 7, 2022 11:40 AM IST
Bhagwant Mann Marriage Today: भगवंत मान-गुरप्रीत की शादी में आज क्या-क्या होंगी रस्में, जानिए पूरा कार्यक्रम
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Bhagwant Mann Marriage Today: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज दूसरी शादी करने जा रहे हैं. सीएम मान आज डॉक्टर गुरप्रीत कौर को अपनी दुल्हन बनाएंगे. मान की ये दूसरी शादी है. आज शादी का सारा समारोह चंडीगढ़ के सेक्टर 8 के गुरुद्वारे में होगी. राजपुरा कीरहनेवाली डॉक्टर गुरप्रीत कौर आज सीएम मान की दुल्हन बनने वाली हैं. यह शादी सिख रीति-रिवाज़ से होगी. बता दें कि सिख शादियों को आनंद-कारज कहा जाता है. आनंद कारज में गुरुग्रंथ साहिब के चारों और चार फेरे लिए जाते हैं. यह शादी चंडीगढ़ में सेक्टर 8 गुरुद्वारा में सम्पन्न होगी. भगवंत मान और गुरप्रीत कौर सात नहीं बल्कि चार फेरे ही लेंगे.

जानिए क्या होता है आनंद-कारज

सिख रीति रिवाज से होने वाली शादियों की शुरुआत आनंद कारज, कुरमाई या रोका से होती है. इसकी शुरुआत में आनंद पाठ किया जाता है. आनंद पाठ का मतलब गुरु ग्रन्थ साहिब का पूरा पाठ करना है. इसके बाद ही शादी की तारीख़ तय होती है. इस रस्म में दूल्हा और दुल्हन के परिवार वाले एक दूसरे को तोहफा देते हैं. वर-वधू के बीच अंगूठी भी इसी दिन बदली जाती है.

चुन्नी चढ़ाई, मेहंदी और चूड़ा की रस्में

कुरमाई या रोके के बाद दूल्हे के परिवार वाले दुल्हन के घर जाते हैं और दुल्हन के सर पर चुन्नी रखी जाती है. आनंद कारज के के बाद ही मेहंदी और चूड़ा की रस्में भी निभाई जाती  हैं. अमूमन मेहंदी और चूड़ा सेरेमनी शादी की तारीख़ के एक दिन पहले होती है. चूड़ा लाल और सफ़ेद चूड़ियों का एक सेट होता है जिसे दूध में डुबाकर रखा जाता है. इस चूड़े के साथ कलीरें भी बांधी जाती हैं. कलीरें सुनहरे रंग के खास जेवर को कहते हैं.

भगवंत मान की शादी में होंगी ये रस्में

हिंदू और सिख शादियों की सबसे ज़रूरी रस्म बारात होती है. अगर यह रस्म न हो तो शादी ही पूरी नहीं मानी जाए. इसमें वरपक्ष के लोग धूमधाम से दुल्हन के घर पहुंचते हैं. नाच-गाने के बीच बारात पहुंचती है तो बारातियों का खास स्वागत किया जाता है. बारात के बाद ही आनंद कारज की बाक़ी रस्में शुरू होती हैं. इन सबके अलावा कीर्तन, लावण फेरा और कड़ा प्रसाद की ज़रूरी रस्में निभाई जाती हैं. 7 जुलाई को भगवंत मान गुरप्रीत के साथ इन सभी रस्मों को निभाएंगे.

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