Punjab, Punjab Politics, News Update:  पंजाब में कल शनिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह ने शनिवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पर तेज हमला किया था और उन्हें ‘राष्ट्र विरोधी, खतरनाक तथा पूरी तरह विपत्ति’ करार दिया था. इसके बाद तेज हुई सियासत के बीच बीजेपी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्‍व सवाल पूछा है. बीजेपी नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पर बेहद ही गंभीर आरोप लगाएं हैं। उन्होंने उन्हें देश विरोधी करार दिया है. BJP सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से एक सवाल पूछ रही है कि आप चुप क्यों हैं?.Also Read - Rahul Gandhi Defamation Case: राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में सुनवाई 13 नवंबर तक टली, जानिए पूरा मामला

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बीजेपी नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, हम मांग करते है कि कांग्रेस को इस पर बोलना चाहिए. हम उनसे पूछना चाहते हैं कि क्या कांग्रेस पार्टी इन गंभीर आरोपों का संज्ञान लेते हुए कोई कार्रवाई करेगी?. Also Read - BSF's jurisdiction Issue: Punjab CM ने किया कड़ा विरोध, बोले- यह मोदी सरकार का अलोकतांत्रिक फैसला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को ‘राष्ट्र विरोधी, खतरनाक, अस्थिर, अक्षम’ करार देने के साथ राज्य और देश की सुरक्षा के लिए खतरा तक बता दिया था. उन्‍होंने कहा था कि वह सिद्धू को अगले मुख्यमंत्री के रूप में या आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के चेहरे के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे. अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने के किसी भी कदम का पुरजोर विरोध करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का समर्थन करने का कोई प्रश्न नहीं उठता। उन्होंने आरोप लगाया कि वह (सिद्धू) ‘साफतौर पर पाकिस्तान के साथ मिले हैं और पंजाब तथा देश के लिए खतरा और विपदा’ हैं.

सिंह ने पाकिस्तान के नेतृत्व के साथ सिद्धू की करीबी को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा था, ” मैं ऐसे व्यक्ति को हमें तबाह नहीं करने दे सकता. मैं राज्य और उसकी जनता के लिए खराब मुद्दों पर लड़ता रहूंगा. कैप्‍टन अमरिंदर ने कहा था, ”हम सब ने सिद्धू को इमरान खान (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री) और जनरल बाजवा (पाक सेना प्रमुख) को गले लगाते देखा है और करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की तारीफ करते सुना है, जबकि सीमा पर रोजाना हमारे जवान मारे जा रहे थे.”

वह जाहिर तौर पर इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में सिद्धू के शिरकत करने का जिक्र कर रहे थे. अमरिंदर ने इशारा किया उन्होंने सिद्धू से साफ-साफ ऐसा नहीं करने को कहा था. उन्होंने कहा था, ”पंजाब सरकार का मतलब है भारत की सुरक्षा और अगर सिद्धू को मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस का चेहरा बनाया जाता है तो मैं पूरी ताकत से विरोध करुंगा.” सिंह ने कहा था कि सिद्धू कभी पंजाब के लिए अच्छे नेता नहीं हो सकते. उन्होंने कहा, ”वह पूरी तरह विपत्ति हैं. जब वह पंजाब में मंत्री थे तो वह एक मंत्रालय नहीं चला सके, अब वह पूरा पंजाब कैसे चला सकते हैं? मैं जानता हूं कि उनमें सामर्थ्य ही नहीं है.”

कांग्रेस नेता ने राजनीति छोड़ने की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि था एक सैनिक के तौर पर उनमें बहुत दृढ़ इच्छाशक्ति है और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव में वह सक्रिय रहेंगे. सिंह ने दावा किया कि खुद उन्होंने अपने समर्थक विधायकों से कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल होने को कहा था और किसी बैठक में बड़ी संख्या में विधायकों की मौजूदगी का मतलब यह नहीं है कि वे सिद्धू का समर्थन कर रहे थे.

विधायकों का भरोसा खोने के केंद्रीय नेतृत्व के दावों को खारिज करते हुए सिंह ने इन्हें बेकार के बहाने बताते हुए था कहा कि सारे विधायकों को खुश रखना मुमकिन नहीं है. उन्होंने कहा, ”एक सप्ताह पहले ही मैंने सोनिया गांधी को 63 विधायकों की सूची भेजी थी, जो मेरा समर्थन कर रहे हैं. सिंह ने इस तरह से पद छोड़ने के लिए मजबूर होने को अपना अपमान बताते हुए कहा था, ” आज भी मुझे कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बारे में नहीं बताया गया, जबकि नेता मैं हूं. जिस तरह रात को सभी को बुलाया गया और बैठक के बारे में बताया गया, उससे साफ है कि वे मुझे मुख्यमंत्री पद से हटाना चाहते थे.” सिंह ने कहा था कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बदलाव के बाद भी उन्होंने सोनिया गांधी और उनके बच्चों के साथ निकटता के कारण इस तरह से अपमानित कि जाने की उम्मीद नहीं की थी.