Punjab: Capt Amarinder Singh reaches his official residence may resign from CM Post: पंजाब की सियासत में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम में कैप्‍टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री पद से इस्‍तीफा दे सकते हैं. अभी वह अपने आधिकारिक कार्यालय में पार्टी के विधायकों के साथ मीटिंग कर रहे हैं. कांग्रेस विधायक दल की शाम की मीटिंग से पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज दोपहर 2 बजे पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है.Also Read - ISI के साथ रिश्‍तों के आरोपों की जांच में भारतीय एजेंसियों का सहयोग करने को तैयार हूं: अरूसा आलम

सूत्रों के मुताबिक, पंजाब में शनिवार को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक से चंद घंटे पहले पार्टी आलाकमान मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को  इस्तीफा देने के लिए कहा है. हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपमानित होने पर पार्टी छोड़ने की ‘धमकी’ दी है. वहीं, दिल्‍ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पार्टी के 15 जीआरजी वॉर रूम से रवाना के बाद पार्टी पर्यवेक्षक चंडीगढ़ पहुंच गए हैं. पंजाब में कांग्रेस नेता अजय माकन पार्टी कार्यालय पहुंचे हैं. विधायक दल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी अपने समर्थक विधायकों के साथ बैठक कर रहे हैं. Also Read - RJD Chief Lalu Yadav ने नीतीश कुमार को बताया अहंकारी और लालची, कांग्रेस के बारे में अब कही ऐसी बात

बता दें कि कांग्रेस की पंजाब इकाई में फिर तेज हुई तनातनी के बीच कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक से पहले  मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज दोपहर 2 बजे पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी. इसके लिए कैप्‍टन अम‍रिंदर सिंह अपने ऑफिस पहुंच गए हैं.  पार्टी आलाकमान के निर्देश पर शनिवार शाम 5 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. Also Read - UP Election 2022: विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा वादा- 10 लाख तक का इलाज मुफ्त होगा

शाम की बैठक में  वरिष्ठ नेताओं – अजय माकन और हरीश चौधरी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत भी विधायक दल की बैठक में मौजूद रहेंगे. सूत्रों ने बताया कि विधायकों की मांग और आपात स्थिति में बैठक बुलाए जाने के मद्देनजर विधायक दल की इस बैठक में कुछ भी हो सकता है. अगर विधायक अपनी मांग पर अड़े रहते हैं तो फिर इसी बैठक में ही नेतृत्व परिवर्तन को लेकर फैसला हो सकता है.

ताजा जानकारी के मुताबिक, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने वफादार पार्टी विधायकों के साथ बैठक के लिए चंडीगढ़ में अपने आधिकारिक आवास पहुंचने के बाद मीट‍िंंग कर रहे हैं.  कुछ खबरों में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस नेतृत्व ने अमरिंदर सिंह से इस्तीफा देने के लिए कहा है, हालांकि, कांग्रेस सूत्रों ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया है.

वहीं, पंजाब के लिए कांग्रेस पर्यवेक्षक अजय माकन चंडीगढ़ पहुंचे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने उनका स्वागत किया है.पंजाब के लिए आज शाम सीएलपी की बैठक होनी है. चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस के कार्यालय में भारी सुरक्षा व्‍यवस्‍था की गई है, जहां नेताओं और मीडियाकर्मियों का जमावड़ा देखा जा रहा है.

मुख्यमंत्री के एक करीबी विश्वासपात्र ने न्‍यूज आईएएनएस से कहा, “अमरिंदर सिंह ने सुबह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात की और उनसे कहा कि उन्हें अपमानित किया जा रहा है और वह पार्टी से इस्तीफा दे देंगे.” पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक आलाकमान ने अमरिंदर सिंह को साफ तौर पर पद छोड़ने को कहा है.

पंजाब की राजनीत‍ि में मिनट दर मिनट बदलते राजनीतिक घटनाक्रम की शुरूआत शुक्रवार की रात करीब 11 बजकर 42 मिनट पर हुई, जब पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने शनिवार को तत्काल सीएलपी की बैठक करने के फैसले के बारे में ट्वीट किया. करीब 10 मिनट बाद प्रदेश पार्टी अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने सभी विधायकों को सीएलपी की बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है.

पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि 50 से अधिक विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाए.  पता चला है कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस में संकट बढ़ने के बाद अमरिंदर सिंह ने भी सोनिया गांधी से बात की और बार बार हो रहे अपने ‘अपमान’ को लेकर नाराजगी जताई. सोनिया से अमरिंदर के बात करने के बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.  सूत्रों का कहना है कि यह संकट ‘गंभीर’ है क्योंकि बहुत सारे विधायकों ने विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री को बदलने की मांग की है.

विधायकों ने अपने पत्र में सोनिया गांधी ने विधायक दल की बैठक बुलाने कर मांग की. पार्टी आलाकमान ने शनिवार शाम बैठक बुलाने का निर्देश दिया और वरिष्ठ नेताओं – अजय माकन और हरीश चौधरी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया. कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत भी विधायक दल की बैठक में मौजूद रहेंगे.

रावत की घोषणा को हाईकमान की ओर से नए पदाधिकारी को नियुक्त करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिसके नेतृत्व में पार्टी मार्च 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में जाएगी.

राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, पूर्व राज्य अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने ट्वीट किया, “वाह राहुल गांधी, आपने बेहद उलझी हुई गुत्थी के पंजाबी संस्करण के समाधान का रास्ता निकाला है. आश्चर्यजनक ढंग से नेतृत्व के इस साहसिक फैसले ने ना सिर्फ पंजाब कांग्रेस के झंझट को खत्म किया है, बल्कि इसने कार्यकर्ताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है और अकालियों की बुनियाद हिला दी है.”

सीएलपी को बुलाने का निर्णय अधिकांश विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित नए पत्र के मद्देनजर आता है, जिन्होंने अमरिंदर सिंह से असंतोष व्यक्त किया और उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की. इस बीच, मुख्यमंत्री सीएलपी की बैठक में जाने से पहले पार्टी विधायकों से मिलने के लिए यहां अपने आधिकारिक आवास पर पहुंचे हैं. बैठक में मुख्यमंत्री खेमे को बदलने की मांग होने की स्थिति में सख्त रुख अपनाने का विकल्प चुन सकता है.